सरकारी दफ्तरों में शुरू होगा कामकाज, 26 तक स्थगित हुई हड़ताल

जालंधर(अमित):जिले के सारे सरकारी दफ्तरों में शुक्रवार से रूटीन कामकाज शुरू होने वाला है क्योंकि पंजाब स्टेट मिनिस्टीरियल  सर्विसेज यूनियन द्वारा प्रदेश सरकार के अडिय़ल रवैए को मुख्य रखते हुए पिछले 9 दिन से जारी कलम छोड़ हड़ताल को फिलहाल 26 फरवरी तक स्थगित करने का फैसला लिया गया है। गौर हो कि हड़ताल के कारण डी.सी. दफ्तर में पैंडैंसी का ग्राफ भी काफी बढऩे लगा है जिसे निपटाने में कर्मचारियों को खासी दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है। प्रदेश प्रधान सी.पी.एफ. कर्मचारी यूनियन सुखजीत सिंह ने बताया कि स्टेट बॉडीज की तरफ से सर्वसम्मति से उक्त फैसला लिया गया है, क्योंकि 26 को होने वाली कैबिनेट मीटिंग में क्लैरीकल स्टाफ की मांगों को लेकर सरकार द्वारा सहमति प्रदान कर दी गई है जो कि तुरंत लागू हो जाएंगी।

देर शाम हड़ताल वापस लेने का फैसला आने की वजह से गुरुवार को पहले से तय कार्यक्रम के अनुसार जिले के सभी सरकारी दफ्तरों में लगातार 9वें दिन भी कामकाज पूर्ण रूप से ठप्प रहा। कर्मचारियों की हड़ताल के कारण सरकारी दफ्तरों के साथ संबंधित आम जनता के कोई भी काम नहीं हो सके। हजारों की गिनती में सरकारी विभागों के साथ संबंधित अलग-अलग सेवाओं के आवेदन पैंङ्क्षडग पड़ गए। सबसे अधिक काम प्रापर्टी रजिस्ट्रेशन, मैरिज रजिस्ट्रेशन, काऊंटर साइन आदि के प्रभावित हुए। डी.सी. दफ्तर यूनियन के प्रधान तेजेंद्र सिंह अपने अन्य यूनियन सदस्यों के साथ गुरुवार को भी अलग-अलग टीमों की शक्ल में सरकारी दफ्तरों में गए और वहां हो रहे कामकाज को रुकवाया। 

हड़ताल ने पार्किंग ठेकेदार पर भी डाला असर, ठेका एक्सटैंड करने की लगाएगा गुहार
दफ्तरी स्टाफ द्वारा पिछले 9 दिनों से लगातार जारी कलम छोड़ हड़ताल का जहां आम जनता पर काफी बुरा असर पड़ा है वहीं दूसरी तरफ डी.ए.सी. में पार्किंग का ठेका चलाने वाले ठेकेदार को भी इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ रही है। ठेकेदार कुलविंद्र सिंह ने कहा कि 9 दिन से उन्हें पार्किंग फीस के तौर पर कोई कमाई नहीं हो रही है। यहां तक कि स्टाफ की सैलरी तक भी नहीं निकल पाई है, इसलिए वह डी.सी. वरिंद्र कुमार शर्मा के पास जल्दी ही इस बात को लेकर गुहार लगाने वाले हैं कि उन्हें कुछ दिन के लिए ठेका चलाने की एक्सटैंशन दी जाए, ताकि उन्हें इतने बड़े घाटे से थोड़ी राहत प्राप्त हो सके। 

डी.ए.सी. में कुछ कर्मचारी आपस में हुए आमने-सामने
दफ्तरी मुलाजिमों की हड़ताल के दौरान गत दिवस डी.ए.सी. के अंदर 2 सरकारी दफ्तरों में कुछ सरकारी मुलाजिम आपस में ही आमने-सामने हो गए। प्राप्त जानकारी के अनुसार आर.टी.ए. दफ्तर और जिला रोजगार ब्यूरो दफ्तर में यूनियन सदस्य पहुंचे तो देखा कि वहां कुछ मुलाजिम हड़ताल के बावजूद अपना रूटीन कामकाज कर रहे थे जिसको देखकर यूनियन सदस्यों ने रोष प्रकट किया। मामूली विवाद से शुरू हुई बात तब बढ़ गई, जब एक कर्मचारी ने कहा कि वह तो अपने अफसर के कहने पर काम कर रहे हैं। यूनियन के कुछ सदस्यों ने हड़ताल के बावजूद काम कर रहे मुलाजिमों को काली भेड़ें कह कर दफ्तर में ही काली भेड़ें मुर्दाबाद की नारेबाजी शुरू कर दी। 

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