सरकार का दावा- ग्रामीण भारत में स्वच्छता का दायरा बढ़ा

नई दिल्लीःसरकार के एक शीर्ष अधिकारी ने बृहस्पतिवार को बताया कि स्वच्छ भारत अभियान के तहत ग्रामीण भारत में स्वच्छता का दायरा पहले के मुकाबले करीब दोगुना बढ़कर 92 प्रतिशत तक पहुंच गया है और देश अगले साल तक खुले में शौचमुक्त (ओडीएफ) बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। दो अक्तूबर 2014 को जब स्वच्छ भारत अभियान की शुरुआत हुई थी तब ग्रामीण इलाकों में स्वच्छता का दायरा 39 प्रतिशत था।



एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए पेयजल एवं स्वच्छता सचिव परमेश्वरन अय्यर ने कहा कि आज की तारीख में देश के ग्रामीण हिस्सों में स्वच्छता का दायरा 92 प्रतिशत तक पहुंच गया है और पिछले चार साल में समूचे देश में गांवों में 8.3 करोड़ से अधिक शौचालय बनाये गये हैं।  उन्होंने बताया, ‘‘यह दुनिया में सबसे बड़ा व्यवहार परिवर्तन कार्यक्रम है और अब तक 4.3 लाख गांव खुले में शौचमुक्त हो चुके हैं।’’



एक प्रश्न के जवाब में अधिकारी ने बताया कि कम से कम 444 जिले खुले में शौचमुक्त बन गये हैं, हालांकि ऐसे जिले उत्तर प्रदेश में सिर्फ नौ और बिहार में चार ही हैं। उन्होंने बताया कि अब तक 19 राज्य और केन्द्र प्रशासित राज्य ओडीएफ बने हैं। उन्होंने बताया कि इस लोकप्रिय अभियान के चार वर्ष पूरा करने के अवसर पर समूचे देश में ‘स्वच्छता ही सेवा’ थीम पर विभिन्न कार्यक्रम चलाये जायेंगे जिनमें स्वच्छता हर किसी का कर्तव्य है, इस विचारधारा को प्रभावी बनाने पर जोर दिया जायेगा। यह कार्यक्रम 15 सितंबर से शुरू होकर दो अक्तूबर तक चलेगा।



सचिव ने बताया कि स्वच्छ भारत अभियान के चार साल पूरा होने के उपलक्ष्य में चार दिवसीय महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय स्वच्छता सम्मेलन का भी आयोजन किया जायेगा, जिसमें सरकार ने विभिन्न देशों के स्वच्छता मंत्रालय के मंत्रियों को आमंत्रित किया है। अय्यर ने कहा कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद एवं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के भी इस सम्मेलन में हिस्सा लेने की संभावना है।

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