पेमेंट सर्विस के लिए RBI के नियम मानने को तैयार हुआ गूगल, भारत में ही स्टोर होगा डाटा

नई दिल्लीः इंटरनेट क्षेत्र की दिग्गज कंपनी गूगल पेमेंट से जुड़ी सर्विस के लिए आरबीआई के  स्थानीय डाटा स्टोरेज नियमों का पालन करने पर सहमत हो गई है। मतलब ये कि गूगल अब भारत में पेमेंट बिजनेस से जुड़े फाइनेंशियल डाटा भारत में ही स्टोर करने को तैयार है। कंपनी ने इन नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए दिसंबर तक का समय मांगा है।

रविशंकर प्रसाद को दी जानकरी
एक आधिकारिक सूत्र ने बताया, ‘कानून और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद की अमेरिका यात्रा के दौरान गूगल ने उन्हें बताया कि वे आरबीआई के नियमों का पालन करने के लिए तैयार हैं लेकिन डाटा स्टोरेज नियमों के पालन के लिए उसे दो महीने और चाहिए।’ प्रसाद अगस्त के अंत में कैलिफोर्निया स्थित गूगल के हेड ऑफिस गए थे। वहां गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई से उनकी मुलाकात हुई थी।

आरबीआई ने दिए निर्देश
आरबीआई ने पेमेंट सर्विसेज देने वाली सभी कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे अक्तूबर के मध्य तक भारत में डाटा स्टोरेज के उपाय करें यानी पेमेंट से जुड़े जो भी डाटा हैं उन्हें इंडिया में ही किसी सर्वर पर स्टोर किया जाए। गूगल अभी तक ये सभी डाटा इंडिया से बाहर स्टोर करता रहा है।

उल्लेखनीय है कि भारतीय रिजर्व बैंक ने ग्राहकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पेमेंट सेवा देने वाली सभी कंपनियों को निर्देश दिया है कि लेनदेन से जुड़े सभी डाटा देश के अंदर ही स्टोर किया जाए। इसके लिए कंपनियों को अक्तूबर मध्य तक का समय दिया गया है। साथ ही वीजा, अमेरिकन एक्सप्रैस, फेसबुक, पेपॉल और मास्टरकार्ड आदि के अलावा गूगल के लिए भी देश में ही डाटा स्टोर करना अनिवार्य है। वर्तमान में कंपनियों की ओर से देश में सीमित ही डाटा स्टोरेज है।

2.2 करोड़ लोग गूगल पे का करते हैं इस्तेमाल
हालांकि पिचाई ने प्रसाद को 5 सितंबर को एक पत्र लिखा था, जिसमें डाटा की मुक्त आवाजाही की पैरवी की गई है। इंटरनेट क्षेत्र की दिग्गज फर्म ‘गूगल पे’ के नाम से पेमेंट सर्विस मुहैया कराती है। कंपनी का कहना है कि हर महीने 2.2 करोड़ लोग इस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते हैं।
 

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