गोल्ड पर डिस्काऊंट खत्म, फैस्टिव सीजन में बढ़ेगी मांग

कोलकाताः देश में गोल्ड को अब प्रीमियम पर बेचा जा रहा है। अगस्त के पहले हफ्ते तक इसे डिस्काऊंट पर बेचा जा रहा था। ज्वैलर्स गोल्ड को 1 डॉलर प्रति औंस के प्रीमियम पर बेच रहे हैं। उन्होंने आगामी फैस्टिव सीजन में मांग में बढ़ौतरी की उम्मीद के चलते इसका स्टॉक तैयार करना शुरू कर दिया है। चीन के बाद दुनिया में गोल्ड की सबसे अधिक मांग भारत में रहती है।

रुपए में कमजोरी से लोकल मार्कीट में गोल्ड के दाम में बढ़ौतरी के बावजूद बुलियन ट्रेडर्स और ज्वैलर्स को उम्मीद है कि पिछले साल के मुकाबले इस साल फैस्टिव सीजन में बिक्री 5 से 10 प्रतिशत बढ़ेगी। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर गोल्ड के दाम में 1 जनवरी से लेकर अब तक 98 डॉलर प्रति औंस की कमी आई है लेकिन डॉलर के मुकाबले रुपए के कमजोर होने से भारतीयों को इसका फायदा नहीं मिल पा रहा है।

इंटरनैशनल ट्रेड वॉर और तुर्की संकट के बीच अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर गोल्ड को अब निवेश के लिए सुरक्षित विकल्प के रूप में नहीं देखा जा रहा है। इंटरनैशनल मार्कीट में इस साल गोल्ड की कीमत में अभी तक 7.5 प्रतिशत की गिरावट आ चुकी है। निवेशक गोल्ड की जगह तेजी से यू.एस. डॉलर की तरफ  रुख कर रहे हैं।

वर्ल्ड गोल्ड काऊंसिल (डब्ल्यू.सी.जी.) भी 2018 की दूसरी छमाही में भारत में गोल्ड की मांग को लेकर सकारात्मक है। उसने कहा कि भारत में गोल्ड का प्रीमियम पर बिकना अच्छा है। इससे इसकी खरीदारी के प्रति झुकाव का पता चलता है। साऊथ इंडिया में मॉनसून के चलते भीषण बाढ़ आई है लेकिन इसके बावजूद दूसरी छमाही में हम मांग बढऩे की उम्मीद कर रहे हैं। उस दौरान गोल्ड की खरीदारी का पारंपरिक सीजन होता है। हमारा मानना है कि निवेशकों को गोल्ड को स्ट्रैटेजिक एसैट्स के रूप में होल्ड करने से फायदा पहुंच सकता है।

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