आर्थिक आंकड़े, मानूसन और रुपए की चाल तय करेंगे निवेशकों का रुख

मुंबईः विदेशी बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों और स्थानीय स्तर पर निवेश धारणा में सुधार से बीते सप्ताह घरेलू शेयर बाजार नए शिखर को छूने में कामयाब रहे। गत सप्ताह के शुरूआती दो दिन शेयर बाजार नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचे, जिसके दम पर बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक 393.27 अंक की भारी साप्ताहिक बढ़त के साथ 38,645.07 अंक पर और एनएसई का निफ्टी 123.40 अंक की तेजी में 11,680.50 अंक पर बंद हुआ। 

आलोच्य सप्ताह के दौरान पांच कारोबारी दिवस में से शुरूआती दो दिन शेयर बाजार में तेजी रही और शेष तीन दिन गिरावट रही लेकिन इन दो दिनों में सेंसेक्स और निफ्टी ने नई ऊंचाइयों को छुआ, जिसके बल पर दोनों बाजारों में एक फीसदी से अधिक की साप्ताहिक बढ़त दर्ज की गई। 

बीते सप्ताह अमेरिका और मेक्सिको के बीच व्यापारिक रिश्ते में सुधार की संभावनाओं ने निवेशकों के हौसले को बढाया लेकिन मुनाफावसूली, डॉलर की तुलना में भारतीय मुद्रा की गिरावट और अमेरिका-चीन तनाव से चिंतित निवेशकों ने सप्ताह के आखिरी तीन दिनों में बिकवाली शुरू कर दी। आगामी सप्ताह शेयर बाजार पर वैश्विक संकेतों के अलावा सेवा क्षेत्र और विनिर्माण क्षेत्र के आंकड़े, सकल घरेलू उत्पाद के आकंड़े, भारतीय मुद्रा की चाल तथा मानसून की चाल का असर रहेगा।

कारोबार के आखिरी दिन शुक्रवार को सरकार ने जीडीपी के आंकड़े जारी किए, जिसका असर अगले सप्ताह बाजार पर दिखेगा। कृषि, विनिर्माण और निर्माण जैसे क्षेत्रों में आई तेजी के बल पर चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में देश की जीडीपी वृद्धि दर बढ़कर 8.2 फीसदी पर पहुंच गई जो पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में 5.6 प्रतिशत रही थी।  समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान दिग्गज कंपनियों की अपेक्षा मंझोली और छोटी कंपनियों में निवेशकों ने अधिक दिलचस्पी दिखाई। बीएसई का मिडकैप 328.59 अंक यानी 1.99 प्रतिशत की छलांग लगाकर 16,881.33 अंक पर और स्मॉलकैप 328.77 अंक यानी 1.95 प्रतिशत की साप्ताहिक बढ़त में 17,193.20 अंक पर बंद हुआ।

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