13 सितंबर से शुरू होगा गणेश महोत्सव, बाजारों में गणपति मूर्तियों की धूम

आगराः गणेश चतुर्थी हिन्दुओं का एक प्रमुख त्यौहार है। यह त्यौहार भारत के विभिन्न भागों में मनाया जाता है। 13 सितंबर 2018 को पड़ रहे इस पर्व को विनायक चतुर्थी के नाम से भी जाना जाता है। लिहाजा हर शहर में जगह-जगह पंडाल सजाए जाएंगे। विघ्नहर्ता की मूर्तियां विधि-विधान से स्थापित की जाएंगी। आगरा में भी गणोशोत्सव की खासी धूम रहती है। इसके लिए शहर में कई स्थानों पर भगवान गणोश की मूर्तियां तैयार की जा रही हैं। 

आगरा के बाइपास रोड किनारे, छिली ईंट रोड, नामनेर, आवास विकास कॉलोनी आदि स्थलों पर काफी समय से कारीगर इन्हें अंतिम रूप देने में जुटे हैं। बाजार में गणेश की विभिन्न लीलाओं की मूर्तियां मौजूद है। बाल गणेश, एक दंत गणेश, मोदक गणेश, महाराजा गणेश और मूसक सवार गणेश मौजूद है। वहीं गणेश जी का शिव लिंग उठाते हुए बाहूबली गणेश रुप लोगों को खासा आकर्षित कर रहा है। बाजार में एक फीट से लेकर 20 फीट तक की गणेश मूर्तियां मौजूद है। जिनकी कीमत 100 रुपये से लेकर 20 हजार रुपये तक है। 

वहीं प्लास्टर ऑफ पैरिस की मूर्तियों पर रोक के बाद अब मिट्टी, कागज व लकड़ी से बनी गणेश मूर्तियों की डिमांड बढ़ गई हैं। यहां से महाराष्ट्र, दिल्ली, लखनऊ, ग्वालियर तक मूर्तियां भेजी जाती हैं। शहर में ऐसे कई लोग हैं जो कई वर्षो से ईको-फ्रेंडली मूर्तियां बनवा रहे हैं। समय के साथ मूर्ति बनाने में भी बदलाव आया है। सालों पहले बनने वाली सादा गणेश प्रतिमा की बजाय अब लोग चमक-दमक वाली मूर्ति पसंद कर रहे हैं। एक प्रतिमा में कई तरह के रंगों का इस्तेमाल होता है। मुकुट से लेकर आंख तक हर चीज में फिनिशिंग का ध्यान रखा जाता है। इसके लिए अब स्प्रे द्वारा रंग किया जाता है।  


 

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