जेट एयरवेज के भविष्य का फैसला एक सप्ताह में संभव: SBI चेयरमैन

नई दिल्लीः वित्तीय संकट के कारण अस्थाई तौर पर परिचालन बंद कर चुकी एयरलाइन जेट एयरवेज के भविष्य को लेकर उद्योग के कुछ अनुभवी लोगों को इसके दोबारा पटरी पर लौटने की उम्मीद धूमिल लग रही है लेकिन भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के अध्यक्ष रजनीश कुमार आशावादी हैं और उनका कहना है कि एक सप्ताह के भीतर तस्वीर साफ हो जाएगी। 

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कई निवेशक दिखा रहे रूचि
एसबीआई प्रमुख ने शनिवार को बताया, 'विभिन्न विकल्पों का मूल्यांकन किया जा रहा है। कानूनी राय भी ली जा रही है। कई निवेशकों ने दिलचस्पी दिखाई है। हमें यह देखना है कि क्या उनके पास पैसे व साधन हैं। मेरा मानना है कि एक सप्ताह के भीतर तस्वीर साफ हो जाएगी।' उनसे जब यह पूछा गया कि क्या ये निवेशक उनसे अलग हैं, जिन्होंने अनपेक्षित पेशकश की थी, तो कुमार ने कहा कि कुछ हैं लेकिन उनकी गंभीरता परखनी होगी। 

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एसबीआई की अगुवाई में जेट एयरवेज के ऋणदाता इस समय अपने 8,400 करोड़ रुपए के बकाए की वसूली के लिए एयरलाइन बेचने की प्रक्रिया में जुटे हैं। बोलीदाताओं के रूप में प्राइवेट इक्विटी फर्म टीपीजी कैपिटल, इंडिगो पाटर्नर्स, नैशनल इन्वेस्टमेंट ऐंड इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड (एनआईआईएफ) और एतिहाद एयरवेज की संक्षिप्त सूची बनाई गई है। 

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रद्द हो सकती है एतिहाद एयरवेज का निविदा
आबू धावी की विमानन कंपनी एतिहाद एयरवेज इस समय जेट एयरवेज में 24 फीसदी की हिस्सेदारी है। इस समय जेट एयरवेज की खरीदने की रेस में एतिहाद एयरवेज अकेली कंपनी बची है। जानकारों का कहना है कि बैंकों के समूह को एतिहाद एयरवेज की निविदा ज्यादा लुभा नहीं पाई है। एतिहाद एयरवेज ने बंद पड़ी जेट एयरवेज में 1700 करोड़ रुपए के निवेश का प्रस्ताव दिया है जबकि कंपनी को उबारने के लिए 15 हजार करोड़ रुपए की जरूरत है। इसके अलावा एतिहाद एयरवेज ने 26 फीसदी से अधिक हिस्सेदारी होने पर ओपन ऑफर लाने वाली शर्त को भी छूट देने की मांग की है।

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