पत्नियों से धोखाधड़ी करने वाले आप्रवासियों पर शिकंजा कसना शुरू

जालंधर(धवन):पत्नियों से धोखाधड़ी करने वाले आप्रवासियों पर शिकंजा कसना शुरू हो गया है। चाहे धीमी रफ्तार से ही सही परन्तु जिन आप्रवासियों पर पत्नियों को ठुकराने के मामले को लेकर आपराधिक केस दर्ज हैं, उनके बारे में पासपोर्ट कार्यालयों द्वारा अब संबंधित देशों में दूतावासों को सूचनाएं भेजी जाएंगी। 


जालंधर, चंडीगढ़ व अन्य पासपोर्ट कार्यालयों ने इस दिशा में कार्य शुरू कर दिया है। दोआबा से अनेकों आप्रवासी विदेशों में बसे हुए हैं तथा कइयों पर पंजाबी लड़कियों से दूसरा या तीसरा विवाह करने के भी आरोप लगे हुए हैं। क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी हरमनबीर सिंह गिल ने कहा कि पासपोर्ट कार्यालय इस मामले में पूरी सख्ती बरत रहा है ताकि पंजाबी लड़कियों को इंसाफ मिल सके। चंडीगढ़ के क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी शिभाष कभीराज ने कहा कि पासपोर्ट कार्यालय द्वारा भी न केवल दूतावासों को लिखा जा रहा है परन्तु साथ ही अब आप्रवासियों को विदेशों में रोजगार देने वालों को भी यह सूचना भेजी जा रही है कि धोखाधड़ी करने वालों के पासपोर्ट सस्पैंड किए जा रहे हैं।

इसका उद्देश्य यही है कि आप्रवासी वापस भारत आएं तथा आपराधिक केसों का सामना करें। उन्होंने कहा कि जून 2018 से उन्होंने पासपोर्ट सस्पैंड करने का कार्य शुरू किया है। अब तो लड़कियों के ससुराल वालों के भी पासपोर्ट सस्पैंड किए जा रहे हैं। उनके अनुसार लगभग 12000 लंबित मामले जांच अधीन हैं। चंडीगढ़ पासपोर्ट कार्यालय के लुधियाना की लड़की से शिकायत मिली थी कि उसका विवाह फरवरी 2009 में यूक्रेन वासी से हुआ था। उसका पति उस समय भारत में अध्यापक के तौर पर कार्य करता था। 2010 में उसने अपनी नौकरी छोड़ दी तथा 2015 में उसका पति विदेश चला गया। अगस्त 2016 में वह वापस आया तथा उसके बाद उन्हें सूचित किए बिना गायब हो गया।  एक लड़की का मानना था कि उसके पति का पासपोर्ट सस्पैंड होने पर ही वह उसके खिलाफ लड़ सकेगी। 

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