सड़क हादसे में Forest Guard की मौत को पत्नी ने बताया हत्या, CBI जांच की उठाई मांग

मंडी (नीरज): क्या देवभूमि हिमाचल में एक और होशियार हत्याकांड हो गया है? यह सवाल इसलिए उठ रहा है क्योंकि हादसे में मारे गए वन रक्षक की पत्नी ने अपने पति की मौत को हत्या बताते हुए इसकी सी.बी.आई. जांच की मांग उठाई है। वहीं सी.एम. जयराम ठाकुर ने भी अपने गृहक्षेत्र में घटी इस घटना पर निष्पक्ष जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।

सड़क हादसे में हुई थी वनरक्षक की मौत

जानकारी के अनुसार बीते 16 अप्रैल को सड़क दुर्घटना में मारे गए वनरक्षक हरीश कुमार की पत्नी ने अपने पति की मौत को हत्या बताते हुए सी.बी.आई. जांच की मांग उठाई है। 44 वर्षीय हरीश कुमार मंडी जिला की बल्हघाटी के नागचला गांव का रहने वाला था और सराज विधानसभा क्षेत्र के तहत आने वाली हलीणू वन बीट में बीते 2 वर्षों से बतौर वन रक्षक अपनी सेवाएं दे रहा था। 15 और 16 अप्रैल की रात को केलोधार के पास सड़क हादसे में हरीश की मौत हो गई लेकिन मृतक की पत्नी सुनीता देवी इसे हादसा मानने को तैयार नहीं है।

एस.पी. मंडी को पत्र लिखकर उठाई सी.बी.आई. जांच की मांग

उसने इस संदर्भ में एस.पी. मंडी को लिखित में पत्र देकर सी.बी.आई. जांच की मांग उठाई है। महिला का कहना है कि उसका पति पिछले कुछ समय से हलीणू वन बीट में सक्रिय वन माफिया से काफी परेशान था और काफी दबाव में भी था। पति ने इसकी जानकारी अपनी पत्नी को दी थी और रात्रि गश्त के बारे में भी बताया था। महिला के अनुसार उसके पति ने गोहर पुलिस थाना में भी अवैध कटान को लेकर शिकायतें दर्ज करवाई थीं और वन विभाग के अधिकारियों को भी सूचित किया था लेकिन किसी ने कोई कार्रवाई नहीं की। महिला ने संदेह जताया है कि उसके पति की वन माफिया ने हत्या की है और इस पूरे मामले की न्याययिक और सी.बी.आई. जांच की मांग की है।

बीज लेने गया था चैलचौक, अगले दिन गहरे नाले में मिली लाश

बता दें कि हरीश कुमार डोगरा 19 रैजीमैंट से बतौर हवलदार रिटायर होने के बाद वन रक्षक के रूप में दूसरी सरकारी नौकरी कर रहा था। हरीश ने एक छोटा टैंपो खरीदा था जिसे वह खुद ही चलाता था। बीती 15 अप्रैल को हरीश इसी टैंपो पर नर्सरी के लिए बीज लेने चैलचौक गया था। हरीश चैलचौक से रात को अपने क्वार्टर के लिए निकल गया लेकिन सुबह उसकी लाश एक गहरे नाले में मिली। टैंपो 800 मीटर गहरी खाई में गिरा था जबकि हरीश की लाश उससे पहले ही गिरी हुई मिली। पैंट उतरी हुई थी और पर्स सड़क पर ही पड़ा हुआ मिला।

पति के मोबाइल फोन में वन माफिया के सारे सबूत

मृतक की पत्नी का कहना है कि उसके पति के मोबाइल फोन में वन माफिया के सारे सबूत मौजूद हैं और यह फोन अभी पुलिस के पास है। महिला का कहना है कि फोन में मौजूद वीडियो और फोटो ही जांच के लिए काफी हैं जबकि पुलिस को इस बारे में किसी से भी पूछने की जरूरत नहीं पड़ेगी। महिला का कहना है कि राजनीतिक दबाव बनाकर फोन का डाटा डिलिट करवाया जा सकता है, इसलिए उसने उच्च स्तरीय जांच की मांग उठाई है।

क्या बोले सी.एम. जयराम ठाकुर

वहीं सुनीता देवी की यह फरियाद सी.एम. जयराम ठाकुर के पास पहुंच गई है। यह पूरा मामला सी.एम. के गृहक्षेत्र सराज का ही है। सी.एम. ने बताया कि मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं और जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे उस आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस दुर्घटना का मामला दर्ज कर जांच में जुटी

बता दें कि अभी इस मामले की जांच गोहर थाना पुलिस द्वारा की जा रही है। अभी सिर्फ दुर्घटना संबंधी मामला दर्ज करके ही कार्रवाई की जा रही है। सुनीता देवी ने उच्च स्तरीय जांच की मांग तो उठाई है लेकिन देखना होगा कि इसमें उच्च स्तरीय जांच करवाई जाती है या फिर स्थानीय स्तर पर ही इसकी जांच की जाती है।

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