दिल्ली में लगातार दूसरे दिन हवा की गुणवत्ता रही बेहद गंभीर श्रेणी में

नई दिल्ली: दिल्ली में हवा की गुणवत्ता मंगलवार को लगातार दूसरे दिन बेहद गंभीर श्रेणी में रही। इसकी वजह थी नमी का ज्यादा रहना और हवा की गति का कम होना जिसके कारण प्रदूषक तत्व छितरा नहीं पाए। अधिकारियों ने बताया कि वे स्थिति पर करीबी नजर रखे हए हैं। 


उच्चतम न्यायालय द्वारा नियुक्त पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण प्राधिकरण (ईपीसीए) के अध्यक्ष भूरेलाल ने बताया कि अगर ‘गंभीर’ स्थिति 48 घंटे तक रहती है तब कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कड़ी कार्रवाई में सम-विषम कार नियंत्रण योजना और शहर में निर्माण गतिविधियों पर प्रतिबंध जैसे आपात उपाय शामिल हैं। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने कुल वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 415 दर्ज किया। एक्यूआई सूचकांक 201 से 300 के बीच में ‘खराब’, 301 से 400 तक ‘बहुत खराब’ और 500 से ऊपर ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है। सोमवार को एक्यूआई 412 दर्ज किया गया था। विशेषज्ञों के मुताबिक,‘गंभीर’श्रेणी में स्वस्थ लोगों को भी सांस लेने में मुश्किल होती है और डॉक्टर शारीरिक गतिविधि कम से कम रखने की सलाह देते हैं।

मंगलवार को गाजियाबाद, नोएडा और फरीदाबाद में हवा की गुणवत्ता ‘‘बेहद गंभीर’’ श्रेणी में रही। सीपीसीबी के आंकड़ों के मुताबिक गाजियाबाद की हवा गुणवत्ता सबसे खराब 429 रही। इसमें कहा गया है कि गुडग़ांव की वायु गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ रही। सीपीसीबी ने बताया कि हवा रोहिणी, सोनिया विहार, बुराड़ी और वजीरपुर में ‘गंभीर और आपातकालीन’’ श्रेणी की तरफ बढ़ रही है। इसमें बताया गया है कि कुल पीएम 2.5 स्तर 261 और पीएम 10 स्तर 449 दर्ज किया गया। केन्द्र द्वारा संचालित ‘वायु गुणवत्ता एवं मौसम पूर्वानुमान प्रणाली’ (सफर) ने कहा कि दिल्ली में बुधवार से ‘‘बेहद गंभीर’’ श्रेणी में थोड़ा सुधार होना शुरू हो सकता है।                  
 

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