फ्लाॅप साबित हुईं FIFA के इतिहास की 4 बड़ी टीमें, नामी खिलाड़ी भी नहीं दिखा पाए 'जादू'

स्पोर्ट्स डेस्क(राहुल): रूस में जब फीफा विश्व कप 2018 का आगाज हुआ तो उम्मीद थी कि पिछली बार खिताब जीतने से चूकने वाली अर्जेंटीना की टीम कोई करिश्मा करेगी। यह उम्मीदें इसलिए भी कायम थीं क्योंकि स्टार स्ट्राइकर लियोनल मेसी हर बार टीम को चैंपियन बनाने से चूकते आए हैं। पर मेसी के पास माैका था कि पिछली गलतियों को भूलाकर इस बार टीम को चैंपियन बनाया जाए, लेकिन हालात इस बार भी पहले जैसे ही दिखे। फैंस को सिर्फ अर्जेंटीना ने ही नहीं चाैंकाया बल्कि अन्य टीमों ने भी उम्मीद के विपरीत प्रदर्शन किया। फीफा के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ जब बड़ी टीमें इतनी बेरंग दिखीं। काैन सी हैं ये टीमें आइए जानें-

1. ब्राजील
सबसे ज्यादा बार विश्व कप का खिताब अपने नाम करने वाली ब्राजील की टीम 'करो या मरो' मुकाबले में चित्त हुई। चाैंकाने वाली बात यह रही कि ब्राजील को उस टीम ने बाहर का रास्ता दिखाया जो सिर्फ एक ही बार 1986 में सेमीफाइनल में पहुंची है। यह  टीम है बेल्जियम। ब्राजील को बेल्जियम ने क्वाॅर्टर-फाइनल मुकाबले में 2-1 से हराकर बड़ा उलटफेर किया। इसी तरह ब्राजील सेमीफाइनल से पहले ही खिताबी जंग हार गया। ब्राजील 5 बार खिताब अपने नाम कर चुकी है। उसने 1958, 1962, 1970, 1994 आैर 2002 में खिताब पर कब्जा किया आैर 1950 आैर 1998 में रनरअप रही। 


ऐसा रहा ब्राजील का सफर
पहला मुकाबला- स्विजरलैंड के खिलाफ 1-1 के ड्रा पर समाप्त
दूसरा मुकाबला - कोस्टा रिका के खिलाफ 2-0 से जीत
तीसरा मुकाबला- सर्बिया के खिलाफ 2-0 से हार
प्री-क्वाॅटरफाइनल- मैक्सिको के खिलाफ 2-0 से जीत
क्वाॅर्टरफाइनल- बेल्जियम के खिलाफ 2-1 से हार

2. जर्मनी
सबको चाैंकाने वाली दूसरी टीम का नाम है जर्मनी। यह वो टीम है जो सबसे ज्यादा बार खिताब जीतने के मामले में दूसरे नंबर पर काबिज है आैर गत चैंपियन भी। उम्मीद थी कि इस बार भी यह टीम आगे तक जाएगी लेकिन थॉमस मुलर, नील्स पीटरसनर आैर एंटोनियो रूडिगर के नाम से सजी जर्मनी की टीम अंतिम 16 में भी जगह नहीं बना पाई। जर्मनी 4 बार खिताब आैर 4 बार रनरअप रह चुकी है। इसने 1954, 1974, 1990, 2014 में खिताब पर कब्जा किया आैर 1966, 1982, 1986 आैर 2002 में रनरअप भी रह चुकी है पर इस बार का प्रदर्शन निराशाजनक रहा। जर्मनी को कमजोर टीमों से भी मुंह की खानी पड़ी जिसे देख उनके फैंस नाखुश दिखे।    

ऐसा रहा जर्मनी का सफर
पहला मुकाबला- मैक्सिको के खिलाफ 1-0 से हार
दूसरा मुकाबला- स्विडन के खिलाफ 2-1 से जीत
तीसरा मुकाबला- साउथ कोरिया के खिलाफ 2-0 से हार

3. उरुग्वे
अगर ग्रुप स्टेज में जिस टीम ने सबका दिल जीता तो वो थी उरुगवे। गुप्र 'ए' में शामिल इस टीम ने सभी तीन मैचों पर जीत हासिल की। दो बार की चैंपियन उरुग्वे ने प्री-क्वाॅटरफाइनल में पुर्तगाल को हराया जिसके बाद वह खिताब की प्रबल दावेदार मानी जाने लगी। लेकिन क्वाॅर्टरफाइनल में फ्रांस ने पहली बार उरुग्वे पर जीत हासिल की। साथ ही खिताब की ओर बढ़ रही उरुग्वे का सफर खत्म हो गया। उरुग्वे ने क्वाॅर्टरफाइनल में जिस तरह से प्रदर्शन किया वो उनके फैंस के लिए काफी निराश कर देने वाला रहा। सबकी नजरें लुइस सुआरेज, मबापे और एंटोनी ग्रीजमैन पर थीं लेकिन वह 'करो या मरो' मैच में एक भी गोल दागने में नाकाम रहे। उरुग्वे 1930 आैर 1950 में खिताब जीत चुकी है। इनके पास 68 साल बाद खिताब जीतने का पूरा माैका था लेकिन अंतिम समय में खिलाड़ियों के फ्लाॅप प्रदर्शन के कारण यह टीम सेमीफाइनल में भी नहीं पहुंच सकी। 

ऐसा रहा उरुग्वे का सफर
पहला मुकाबला- मिस्त्र के खिलाफ 1-0 से जीत
दूसरा मुकाबला- साउदी अरब के खिलाफ 1-0 से जीत
तीसरा मुकाबला- रूस के खिलाफ 3-0 से जीत 
प्री-क्वाॅटरफाइनल- पुर्तगाल के खिलाफ 2-1 से जीत
क्वाॅर्टरफाइनल- फ्रांस के खिलाफ 2-0 से हार 

4. अर्जेंटीना
टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा चर्चित खिलाड़ी अर्जेंटीना के स्ट्राइकर लियोनल मेसी रहे। लेकिन सबके पसंदीदा इस खिलाड़ी ने टूर्नामेंट में फैंस को निराश किया, जिसका खामियाजा अर्जेंटीना को बाहर होकर भुगतना पड़ा। साल 2014 में अर्जेंटीना फाइनल में पहुंचा था लेकिन जर्मनी ने 1-0 से हराकर उनके सपनों को चकनाचूर कर दिया।  अर्जेंटीना दो बार 1978, 1986 में खिताब अपने नाम कर चुकी है। वहीं 5 बार फाइनल में प्रवेश कर चुकी है लेकिन वह पिछले 32 सालों से खिताब जीतने से चूक रही है। अर्जेंटीना की टीम मशहूर टीमों में से एक है लेकिन इस टूर्नामेंट में वह पूरी तरह कमजोर दिखी। लिहाजा वह क्वाॅर्टरफाइनल तक भी नहीं पहुंच सकी।


ऐसा रहा अर्जेंटीना का सफर
पहला मुकाबला- आइसलैंड के खिलाफ 1-1 से ड्राॅ
दूसरा मुकाबला- क्रोएशिया के खिलाफ 3-0 से हार
तीसरा मुकाबला- नाईजीरिया के खिलाफ 2-1 से जीत
प्री-क्वाॅटरफाइनल- फ्रांस के खिलाफ 4-3 से हार

नामी खिलाड़ी भी नहीं दिखा पाए 'जादू'
इन टीमों में कुछ ऐसे खिलाड़ी हैं जिनपर फैंस की उम्मीदें सबसे ज्यादा बंधी थीं। इनमें से वो हैं ब्राजील के नेमार, जर्मनी के थॉमस मुलर, उरुग्वे के लुइस सुआरेज आैर अर्जेंटीना के मेसी। इन चारों टीमों के यह अहम खिलाड़ी इस टूर्नामेंट वो 'जादू' नहीं दिखा पाए जिसके लिए वह दुनियाभर में जाने जाते हैं। 

इन खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर एक नजर-

नेमार
दुनिया के महान खिलाड़ियों में शुमार नेमार इस बार फीके पड़ते नजर आए। वह 5 मैचों में सिर्फ 2 गोल ही दाग सके। उन्होंने 27 बार गोल करने का माैका बनाया, जिसमें 13 शाॅट सीधे टारगेट पर रहे थे पर गोल में तब्दील नहीं हो सके। 



मुलर
थामस मुलर विश्व कप में तीसरी बार जर्मनी के लिए खेले। वह विश्व कप में गोल करने वाले खिलाडिय़ों की सूची में आठवें नंबर पर हैं लेकिन इस बार वह टूर्नामेंट में एक भी गोल नहीं कर सके। इनके फ्लाॅप रहने के कारण जर्मनी को ग्रुप स्टेज में ही 2 हार के साथ बाहर होना पड़ा। 


लुइस सुआरेज
लुइस सुआरेज ने टीम के लिए 2 गोल दागे। हालांकि उनकी टीम ने क्लियान एमबापे के 3 गोल की मदद से क्वाॅर्टरफाइनल में जगह बनाई। लेकिन क्वाॅर्टरफाइनल मुकाबले में लुइस रूस के खिलाफ टीम के लिए कोई गोल नहीं कर सके। 

मेसी
स्ट्राइकर मेसी ने 4 मैचों में सिर्फ 1 गोल दागकर फैंस को निराश किया। वह सभी मैचों में गोल करने के लिए संघर्ष करते रहे। मेसी ने 17 बार गोल करने का माैका बनाया, जिसमें 6 शाॅट सीधे टारगेट पर रहे।
 

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