टमाटर की अच्छी पैदावार से किसान परेशान, निर्यात शुल्क में कमी की लगाई गुहार

मुंबईः टमाटर की अच्छी पैदावार ने किसानों को बुरी तरह परेशान कर दिया है। उपज की लागत तो दूर की बात, खेत से मंडी तक का भाड़ा भी नहीं मिल पा रहा है। हताश किसान मजबूरी में अपनी फसल को खेत में सडऩे को छोड़ रहे हैं। मंडियों में भारी आवक और पाकिस्तान सीमा बंद होने से कारोबारी भी बेहाल हैं। किसानों और मंडियों की दुर्दशा से परेशान बाजार समितियों ने सरकार से मदद की गुहार लगाई है। बाजार समितियों ने केंद्र सरकार से निवेदन किया है कि निर्यात शुल्क में कमी की जाए ताकि पड़ोसी देशों को टमाटर निर्यात किया जा सके। 

महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा टमाटर उत्पादक जिले नासिक, पुणे, सांगली, सतारा, अहमदनगर और नागपुर में बंपर उत्पादन होने से मंडियां टमाटर से भर गई हैं। महाराष्ट्र की थोक मंडियों में टमाटर की कीमत 100 रुपए प्रति क्विंटल से भी नीचे पहुंच चुकी है यानी एक किलो टमाटर का भाव एक रुपया भी नहीं मिल रहा है। किसानों और कारोबारियों की मौजूदा स्थिति से बाजार संचालकों के भी पसीने छूट रहे हैं। राज्य की बाजार सीमितयों ने सरकार से इस पर ध्यान देने का निवेदन किया है।

लासलगांव बाजार समिति के सभापति जयदत्त होलकर और पिंपलगांव बाजार समिति के अध्यक्ष दिलीप बनकर ने केंद्र सरकार से अनुरोध करते हुए कहा है कि टमाटर के बंपर उत्पादन के कारण घरेलू बाजार में इसकी कोई कीमत नहीं बची है। सरकार किसानों की दशा को ध्यान में रखते हुए पड़ोसी देशों को निर्यात पर लगी पाबंदी तत्काल हटाने का निर्णय ले, साथ ही निर्यात शुल्क में छूट दे ताकि स्थिति में कुछ सुधार हो सके। राज्य की कृषि बाजार समितियों ने केंद्रीय वाणिज्य मंत्री सुरेश प्रभु, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, कृषि मंत्री राधामोहन सिंह को पत्र लिखकर गुहार लगाई है।

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