फेसबुक ने 652 फर्जी अकाउंट्स किए बंद, अमरीका-ब्रिटेन थे टारगेट

लॉस एंजलिसः फेसबुक ने  ईरान और रूस से संचालित 652 फेक अकाउंट्स को तत्‍काल बंद कर दिया है। फेसबुक का कहना है कुछ नकली पेज समूहों और खातों की लगातार निगरानी के बाद  यूजर्स का अनाधिकृत व्‍यवहार पाए जाने के बाद इन खातों को बंद करने का फैसला लिया गया।  फेसबुक का कहना है कि इसके यूजर्स विभिन्‍न इंटरनेट सेवाओं के माध्‍यम से मध्य पूर्व, लैटिन अमरीका, ब्रिटेन और अमरीका में लोगों को टारगेट कर रहे थे। फेसबुक ने यह कार्रवाई उस वक्‍त की है, जब अमरीका ने ईरान पर कठोर प्रतिबंध लगा रखा है और रूस के साथ भी प्रतिबंधों की बात कर रहा है।
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फेसबुक का कहना है इन फेक अकांउट्स की जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद जो भी जानकारी हासिल होगी उसे ब्रिटेन और अमरीका के साथ साझा किया जाएगा। फेसबुक के मुताबिक, इन अकाउंट्स और पेजों से अलग-अलग अभियान चलाए जा रहे थे। इनमें से तीन अभियान ईरान से जुड़े थे। इस  बीच  फेसबुक के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने कहा है कि साइबर सिक्योरिटी ऐसा मसला है, जिसका पूरी तरह से समाधान कभी नहीं हो सकता है। हालांकि, हम लगातार बेहतर करने की कोशिश में जुटे हैं। यह फेसबुक पेज एंटी-सऊदी, एंटी-इजरायल, एंटी-फिलस्तीन थीम पर आधारित हैं।

इसके अलावा अमेरिकी राष्‍ट्रपति ट्रम्प विरोधी मेसेज किए जाने की जानकारी भी मिली है। फेसबुक का दावा है कि 12 पेज, 66 अकाउंट और 9 इंस्टाग्राम अकाउंट के दूसरे अभियान का कनेक्शन पहले अभियान 'लिबर्टी फ्रंट प्रेस' से जुड़ा मिला। इसमें साइबर सिक्योरिटी तोड़ने, हैकिंग और मालवेयर फैलाने का जिक्र है। तीसरे अभियान में 168 फेसबुक पेज, 140 अकाउंट और 31 इंस्टाग्राम अकाउंट थे। इनके जरिए मध्‍य एशिया, ब्रिटेन और अमेरिका पर टारगेट किया जा रहा था। इसके अलावा चौथे अभियान में जो फर्जी पेज और अकाउंट मिले। इनका संबंध रूस से माना जा रहा है। इन अकाउंट्स पर सीरिया और यूक्रेन से जुड़ा कंटेंट पोस्ट किया जा रहा था। फेसबुक ने मंगलवार को 32 फर्जी फेसबुक पेज और अकाउंट डिलीट किए थे। कंपनी को शक था कि ये अमेरिका में होने वाले मिड-टर्म चुनाव को प्रभावित कर सकते हैं।

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