महंगे डीजल ने छोटे उद्योगों को किया बेहाल

नई दिल्लीः डॉलर के मुकाबले रुपए में नरमी और डीजल के दाम बढ़ने से छोटे- मझोले उद्योगों पर बड़ी मार पड़ रही है। महंगे डीजल से उद्योग की परिवहन व बिजली लागत बढ़ रही है, वहीं मजबूत डॉलर से आयातित कच्चा माल महंगा हो गया है, जिससे मुनाफे पर दबाव बढ़ गया है।

फरीदाबाद के उद्यमी और आईएम एमएसएमई ऑफ इंडिया के चेयरमैन राजीव चावला ने बताया कि विनिर्माण क्षेत्र के उद्यमी 4 से 8 फीसदी मार्जिन पर काम करते हैं। बीते कुछ महीनों से लगातार महंगे हो रहे डीजल व रुपए में नरमी से लागत 2 से 3 फीसदी बढ़ गई है। चावला ने कहा कि लागत बढ़ने के बावजूद तैयार माल के दाम बढ़ाना आसान नहीं है। लिहाजा महंगे डीजल और डॉलर की मार मुनाफे पर पड़ रही है।

चावला ने उद्योग को राहत देने के लिए केंद्र सरकार से उत्पाद शुल्क व राज्य सरकारों से वैट घटाने की मांग की। स्टेनलेस स्टील उत्पाद बनाने वाले इंडियन इंडस्ट्री एसोसिएशन के वरिष्ठ पदाधिकारी एन के खरबंदा कहते हैं कि कच्चे माल में उपयोग होने वाला स्क्रैप आयात होता है। लिहाजा महंगे डॉलर से इसकी लागत बढ़ गई है। महंगे डीजल से परिवहन लागत में इजाफा हुआ है जिससे मुनाफे पर चोट पड़ी है।  
 

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