बजट उम्मीदेंः 80सी में छूट की सीमा बढ़े, 5-10 लाख की आय पर टैक्स घटे

नई दिल्लीः एक फरवरी को वित्त मंत्री अरुण जेटली अंतरिम बजट पेश करेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि इसमें इनकम टैक्स छूट की सीमा बढ़ सकती है। उन सेक्टर पर ध्यान दिया जा सकता है, जिन पर नोटबंदी का विपरीत असर पड़ा था। बैंक बाजार डॉट कॉम के सीईओ आदिल शेट्‌टी के अनुसार सरकार टैक्स में ज्यादा छूट देकर बचत को बढ़ावा दे सकती है। 

शेट्टी का कहना है कि कई साल से 80सी में छूट की सीमा 1.5 लाख रुपए से बढ़ाने की मांग हो रही है। इसे 2-2.5 लाख करना चाहिए। अभी 5 फीसदी के बाद सीधे 20 फीसदी टैक्स का स्लैब है। यह 5-10 लाख की आय पर लगता है। इसे ठीक किया जाना चाहिए।

घरों पर जीएसटी कम करने की मांग
होम लोन पर ब्याज के लिए टैक्स छूट की सीमा 2 लाख से बढ़ाकर 4 लाख की जानी चाहिए। पिछले साल एक लाख रुपए से अधिक लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन पर 10 फीसदी टैक्स लगाया गया था। इसकी सीमा भी बढ़ाई जानी चाहिए। रियल्टी ने 2017 में जीडीपी में 6-7 फीसदी योगदान दिया था। 2025 में यह 13 फीसदी तक पहुंचने का अनुमान है। सुपरटेक के चेयरमैन आर.के.अरोड़ा ने कहा कि घरों पर जीएसटी कम होना चाहिए। सेक्टर को उद्योग का दर्जा मिले।

हाउसिंग पर टैक्स 12% से घटाकर 5% करने का सुझाव
जीएसटी की विशेष समिति घरों के लिए जीएसटी पर विचार कर रही है। काउंसिल की 10 जनवरी की बैठक में टैक्स रेट 12 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी करने का प्रस्ताव आया था। सहमति नहीं बनने के कारण 7 सदस्यों वाली समिति बनाई गई है। अभी अंडर-कंस्ट्रक्शन प्रॉपर्टी पर 12 फीसदी जीएसटी का प्रावधान है। जिन फ्लैट के लिए कंप्लीशन सर्टिफिकेट मिल गया है, उन पर टैक्स नहीं लगता है।
 

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