अपनी जिम्मेदारी से भागा चुनाव आयोग: बादल

चंडीगढ़(अश्वनी): पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने जिला परिषद तथा पंचायत समिति चुनावों को ‘दिन-दिहाड़े बेरहमी से लोकतंत्र का कत्ल’ करार दिया है। बादल ने कहा कि पंजाब में 19 सितम्बर को लोकतंत्र के लिए सबसे काले दिन के रूप में याद किया जाएगा, जब कांग्रेस ने पंजाब को पुराने समय वाला बिहार बना दिया था। गुंडागर्दी तथा अराजकता की घटनाओं के बाद उन लोगों की आंखें खुलनी चाहिएं जो कहते थे कि बादल झूठ बोल रहे हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बहुत ही दुखदायक तथा अफसोसजनक है कि राज्य चुनाव आयोग ने अपनी संवैधानिक जिम्मेदारी को पूरी तरह त्याग दिया है। समूची चुनाव प्रक्रिया दौरान सरकारी मशीनरी तथा चुनाव आयोग ने कांग्रेस के एजैंट के रूप में काम किया है। बादल ने कहा कि सिर्फ फरीदकोट तथा अबोहर में अकाली-भाजपा की रैलियों को मिले बड़े तथा बेमिसाल समर्थन ने ही नहीं, बल्कि अकाली दल के पंजाबी तथा पंथक किरदार ने भी कांग्रेस तथा इसके चमचों को हतोत्साहित कर दिया था। उन्होंने कहा कि पंथक मुखौटों के पीछे छिपे इन चमचों के लिए कांग्रेस सरकार से लिए सभी फायदों का मूल्य चुकाने का दिन था। 

उन्होंने कांग्रेस के इशारे पर चुनाव में खूब ङ्क्षहसा की, क्योंकि कांग्रेस अपने सिख विरोधी एजैंडे की पूॢत के लिए इनको राजनीतिक प्रोत्साहन दे रही है। शांति तथा भाईचारक सांझ के लिए खतरनाक इन ताकतों की कांग्रेस राजनीतिक सरपरस्ती कर रही है। बादल ने कहा कि अकाली दल इन ताकतों का मुख्य निशाना इसलिए है क्योंकि हमारी पार्टी ने हमेशा ही सिखों तथा पंजाब के हितों की शांतिमयी तथा लोकतांत्रिक जंग से रक्षा की है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अब पंजाबियों को बंटने का अपना पुराना तरीका इस्तेमाल कर रही है तथा सिखों में भाईचारे को खत्म करने के लिए जंग शुरू करवाने की साजिशें रच रही है परंतु अकाली दल इस नापाक गठजोड़ व इसकी साजिशों का पर्दाफाश करने व पंजाब के सिखों को इनकी चालों से बचाने के लिए दृढ़ है।

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