5 माह से सम्मान भत्ते के लिए दर-दर भटक रहे बुजुर्ग

बाढड़ा(पंकेस): गांव जगरामबास व हुई के 400 से अधिक ग्रामीणों को 5 माह से सम्मान भत्ते के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। सहकारी बैंक बाढड़ा द्वारा कर्मचारियों की कमी का बहाना बनाकर गांव में पैंशन बंद करने के बाद अब गरीब, निराश्रित, विकलांग व वृद्धों को 12 से 15 किलोमीटर दूर स्थित बाढड़ा शाखा पहुंचकर लेनी पड़ रही है जिससे ग्रामीणों में सरकारी तंत्र की कार्यशैली के प्रति गहरा रोष बना हुआ है। ग्रामीणों का एक प्रतिनिधिमंडल ने बाढड़ा के उपमंडल कार्यालय पहुंचे लेकिन एस.डी.एम. की अनुपस्थिति के कारण बैरंग लौट गए।

प्रदेश सरकार ने समाज कल्याण विभाग द्वारा गरीब, निराश्रित, विकलांग, विधवा व वृद्धों को सम्मान भत्ता मुहैया करवाया जाता है लेकिन कई गांवों में सहकारी बैंक से संबंधित उपभोक्ताओं को सम्मान भत्ते के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है जिससे उनमें सरकारी तंत्र की विफलता को लेकर गुस्सा 7वें आसमान पर बना हुआ है। गांव जगरामबास व हुई के लगभग 400 से अधिक वृद्धों को सहकारी समिति हुई के माध्यम से पैंशन वितरण की जाती है।

लेकिन 5 माह पूर्व वहां कार्यरत एकमात्र कर्मचारी के सेवानिवृत्त होने के बाद विभाग ने वहां पर कोई कर्मचारी भेजने की बजाय सभी बुजुर्गों, विधवाओं, विकलांगों व अन्य निराश्रित लाभपात्रों को बाढड़ा शाखा पर आकर लेने का फरमान जारी कर दिया। इससे उनका अधिकतर समय आने जाने व गरीब परिवारों या वृद्धों को अपने निजी वाहन में आना पड़ रहा है। दोनों गांवों के मौजिज ग्रामीणों व बुजुर्ग लाभपात्रों ने महिला सरपंच रेखा शर्मा, पूर्व सरपंच शांति देवी, सरपंच प्रतिनिधि बंसी शर्मा, सरबती, कलावती, अतर सिंह, उमेद सिंह, भागमल, लीलावती, सूबेसिंह, कर्णसिंह, कमलेश, रावत सिंह ने बताया कि एक तरफ तो सरकार गरीब परिवारों को उनके घर के नजदीक ही सम्मान भत्ता देने का दम भर रही है।

जबकि  दूसरी तरफ उनको प्रतिमाह बाढड़ा जाकर सम्मान भत्ता लेना पड़ रहा है और छोटे बच्चे, विधवा व विकलांगों बुजुर्गों को जो समस्याएं सामने आ रही हैं लेकिन प्रशासन उनके समाधान की बजाय उस पर सभी तरह से मौन साधे हुए हैं। दोनों गांवों के ग्रामीणों ने आज बाढड़ा स्थित उपमंडल अधिकारी कार्यालय में पहुंचे लेकिन एस.डी.एम. विरेंद्र सिंह के दादरी व्यस्त होने के कारण वे शिकायत देने की बजाय बैरंग लौट गए। 

ग्रामीणों ने कहा कि वे फिर एस.डी.एम. से मिलकर अपनी समस्या के समाधान के लिए मुलाकात करेंगे। इस बारे में शाखा प्रबंधक से सम्पर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि बैंक के पास कर्मचारियों की कमी के कारण दोनों गांवों में वृद्धावस्था पैंशन वितरण में परेशानी आ रही है और सारी समस्या को उच्चाधिकारियों के संज्ञान में ला दिया है।

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