अगले महीने से लागू होगी अवर शिक्षा सेवा नियमावली, 150 प्रखंडों में प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी के पद भी भरेंगे

पटनाः अवर शिक्षा सेवा के अधिकारियों को प्रोन्नति और स्नांतरण का लाभ जल्द मिलने वाला है। इसके लिए शिक्षा विभाग अवर शिक्षा सेवा अधिकारियों के लिए नई सेवाशर्त नियमावली तैयार कर ली है। अगले माह नई सेवाशर्त नियमावली लागू हो जाएगी। इसके बाद नवंबर-दिसंबर तक इस संवर्ग के अधिकारियों का तबादला होने की संभावना है। लगभग 150 प्रखंडों में खाली प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों के पद पर भी अधिकारियों की नियुक्ति होगी। नई नियमावली के अनुसार अवर शिक्षा सेवा के अधिकारी शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालयों में व्याख्याता नहीं होंगे। इसके लिए शैक्षिक संवर्ग अगल होगा। अवर शिक्षा सेवा के अधिकारियों को बिहार शिक्षा सेवा संवर्ग में प्रोन्नति मिल सकता है।


वरीयता के आधार पर अधिकारियों को बिहार शिक्षा सेवा में भी प्रोन्नति देने का प्रावधान किया गया है। नियमावली बनने के बाद 2011 से लंबित एसीपी का लाभ मिलेगा। 2009 के बाद अवर शिक्षा सेवा के अधिकारियों को प्रोन्नति नहीं मिल सकी है। प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी को सुविधा मिलेगी। नई नियमावली लागू होने पर अवर शिक्षा सेवा के अधिकारियों के कार्यालय में आवश्यकतानुसार कर्मी भी उपलब्ध करा दिए जाएंगे।

 
इस संवर्ग के अधिकारी निरीक्षण, प्रशिक्षण एवं शिक्षण के विभिन्न पदों प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, प्रशिक्षण कॉलेजों में व्याख्याता एवं बुनियादी विद्यालय के प्रधानाध्यापक के पद पर कार्यरत हैं। वैसे अवर शिक्षा सेवा संघ ने सरकार से मांग की है कि सेवा शर्त में न्यूनतम अर्हता स्नातक प्रशिक्षित जो पहले है, इसे हटाया नहीं जाए। इस संवर्ग में 1441 पद स्वीकृत हैं और वर्तमान में 50 प्रतिशत पद प्रोन्नति से भरे जाने का प्रावधान है। अवर शिक्षा सेवा संवर्ग के पदों को वर्ग 2 में उत्क्रमित करने की भी डिमांड होती रही है।

 

संघ के महासचिव सरोज कुमार सिंह ने बताया कि अवर शिक्षा सेवा संवर्ग को क्षति हो रही है। इस संवर्ग के कई पद छिने जा रहे हैं। अब हम जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान, पख्रंड शिक्षा एवं प्रशिक्षण संसथान और प्राथमिक शिक्षक शिक्षा महाविद्यालय में व्याख्याता और प्राचार्य नहीं बन सकेंगे।

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