स्कूलों को आधारभूत ढांचा देगी सरका, शत-प्रतिशत नतीजे अध्यापकों व प्रिंसीपलों को देने होंगे : सोनी

जालन्धर(धवन):पंजाब के शिक्षा व पर्यावरण मंत्री ओम प्रकाश सोनी सबसे पहले 1997 में निर्दलीय तौर पर अमृतसर पश्चिम सीट से निर्वाचित हुए थे। 2002 तथा 2007 में पुन: अमृतसर पश्चिम सीट से कांग्रेस की सीट पर विधायक बने। 2012 में वह अमृतसर केंद्रीय हलके से निर्वाचित हुए। मार्च 2017 में वह पुन: अमृतसर केंद्रीय हलके से कांग्रेस की टिकट पर विधायक निर्वाचित हुए।

सोनी उन 42 कांग्रेसी विधायकों में शामिल थे, जिन्होंने सुप्रीम कोर्ट द्वारा एस.वाई.एल. नहर के मामले में पंजाब के विरुद्ध सुनाए गए फैसले के बाद तत्कालीन पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष कै. अमरेन्द्र सिंह के आह्वान पर विधायक पद से इस्तीफा दे दिया था।

कै. अमरेन्द्र सिंह का विश्वासपात्र होने के कारण उन्हें मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार में शिक्षा व पर्यावरण जैसे दो महत्वपूर्ण विभागों का कार्यभार सौंपा। मुख्यमंत्री कै. अमरेन्द्र सिंह शिक्षा के गिरते स्तर से चिंतित थे जिस कारण शिक्षा क्षेत्र में सुधार लाने की जिम्मेदारी सोनी को सौंपी गई। अध्यापक दिवस के अवसर पर शिक्षा मंत्री सोनी के साथ शिक्षा क्षेत्र से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई जिनके महत्वपूर्ण अंश निम्रलिखित हैं-

प्र. पंजाब के सरकारी स्कूलों के नतीजे पिछले कई वर्षों से अपेक्षानुरुप नहीं आ रहे हैं। आप इसमें सुधार किस तरह से लाने में कामयाब होंगे?
उ.सरकारी स्कूलों के नतीजों को सुधारने की जिम्मेदारी स्कूल प्रिंसीपलों तथा जिला के शिक्षा अधिकारियों को सौंपी गई है। सरकार अब सरकारी स्कूलों में बेहतर आधारभूत ढांचा प्रदान करने जा रही है। सरकार के एजैंडे में शिक्षा क्षेत्र सबसे ऊपर है। इसके लिए मुख्यमंत्री ने दिल खोल कर फंड भी अलॉट कर दिए हैं। अब जब सरकारी स्कूलों में सभी सुविधाएं मौजूद होंगी तो अध्यापकों तथा प्रिंसीपलों को अपनी कारगुजारी का प्रदर्शन करना होगा। जिन स्कूलों में नतीजे शत-प्रतिशत नहीं आएंगे उनकी जिम्मेदारी प्रिंसीपलों व जिला शिक्षा अधिकारियों पर डाली जाएगी। 

प्र. चालू वित्त वर्ष के दौरान सरकार कितने स्मार्ट क्लासरूम बनाने जा रही है?
उ.
सरकार ने इस वर्ष 21,000 स्मार्ट क्लास रूम बनाने का निर्णय लिया है तथा इसके लिए सरकार ने 64 करोड़ रुपए का बजट रखा है। अगले वित्तीय वर्ष में स्मार्ट क्लासरूम और बनाए जाएंगे। इसी प्रकार ग्रीन बोर्डों के लिए सरकार ने 2.10 करोड़ रुपए की राशि रखी है। यह ग्रीन बोर्ड सरकारी स्कूलों में लगाए जाएंगे। 

प्र. सरकारी स्कूलों में बिजली बिलों की बचत के लिए क्या योजना तैयार की गई है?
उ.
राज्य में चालू वित्त वर्ष के दौरान सरकार ने 880 सरकारी स्कूलों में सोलर पैनल लगाने का निर्णय लिया है। सोलर पैनल लगने से सौर ऊर्जा से बिजली की सप्लाई स्कूलों में होगी जिससे बिजली बिलों में कमी आएगी। बचने वाला पैसा स्कूलों में आधारभूत ढांचा उपलब्ध करवाने पर खर्च किया जाएगा। अगले वर्ष और स्कूल इस श्रेणी में शामिल किए जाएंगे। सरकार की योजना सभी सरकारी स्कूलों में सोलर पैनल लगाने की है। 

प्र. स्पोर्ट्स का स्तर सुधारने के लिए क्या योजना बनाई गई है?
उ.
सरकार सबसे पहले सरकारी स्कूलों में स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध करवाना चाहती है। उसके बाद खिलाडियों को खेलों की तरफ लगाया जाएगा। स्पोट्र्स इंफ्रास्ट्रक्चर स्कूलों में उपलब्ध करवाने के लिए 18.19 करोड़ की राशि रखी गई है। 

प्र. कई सरकारी स्कूलों में पीने का स्वच्छ पानी उपलब्ध नहीं हो रहा है, जिससे बच्चों व अध्यापकों को मुश्किलों का सामना करना पड़ता है?
उ.
सरकार ने इसका भी समाधान ढूंढ लिया है। चालू वर्ष के दौरान 1500 सरकारी स्कूलों में आर.ओ. सिस्टम लगाए जा रहे हैं, जिसके लिए 9 करोड़ की राशि आबंटित कर दी गई है। इससे पीने के पानी की समस्या को दूर किया जा सकेगा।

प्र. सरकारी स्कूलों में कक्षाओं की कमी चल रही है जिस कारण कई स्कूलों में तो बच्चों को जमीनों पर बैठना पड़ता है?
उ.
कई स्कूलों में कक्षाओं की कमी चल रही है तथा यह मामला सरकार के ध्यान में है जिसे देखते हुए अतिरिक्त कक्षाएं बनाने के लिए 120 करोड़ की राशि आबंटित की गई है। इसी तरह से ‘पढ़ो पंजाब, पढ़ाओ पंजाब’ के लिए 10 करोड़ रुपए रखे गए हैं। 

प्र. पिछले 10 वर्षों में ये शिकायतें भी अक्सर सुनने को मिली कि विद्यार्थियों को यूनिफॉर्म समय पर नहीं मिलती रही है? 
उ.
सरकार ने चालू वर्ष के दौरान इसका भी समाधान निकाल लिया है। चालू वर्ष के दौरान 14,42,106 बच्चों को यूनिफॉर्म उपलब्ध करवाने के लिए सरकार ने 86.52 करोड़ रुपए की राशि रखी है। इसी तरह से लाइब्रेरियों में किताबों की कमी को दूर करने के लिए 5.22 करोड़ रुपए रखे गए हैं। लड़कियों के लिए सैनेटरी नैपकिन उपलब्ध करवाने के लिए 10 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

प्र. सरकार ने इंफ्रास्ट्रक्चर सुधारने के लिए फंड तो रख लिए हैं परन्तु इन पर कार्य कब तक शुरू हो जाएगा?
उ.
शिक्षा विभाग द्वारा तुरन्त सभी ऑनलाइन टैंडर लगाए जा रहे हैं तथा उसके तुरन्त बाद इन पर कार्य शुरू कर दिया जाएगा। ऑनलाइन टैंडरों में पूरी पारदर्शिता रखी जाएगी। 

प्र. अतीत में टैंडरों में भी गोलमाल होता रहा है। अब ऐसा हुआ तो सरकार का रवैया कैसा रहेगा?
उ.
मुख्यमंत्री कै. अमरेन्द्र सिंह ने सख्त स्टैंड लिया है कि टैंडरों में अगर गोलमाल होता है तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध सरकार द्वारा सख्त कार्रवाई की जाएगी। 

प्र. क्या आप समझते हैं कि सरकारी स्कूल निकट भविष्य में प्राइवेट स्कूलों के मुकाबले आगे आ सकेंगे?
उ.मुझे उम्मीद है कि सरकार द्वारा अगले 2 वर्षों में उठाए जाने वाले कदमों के सकारात्मक नतीजे सामने आएंगे। यह भी पूरी उम्मीद है कि सरकारी स्कूलों का स्तर ऊंचा होगा। पंजाबी बच्चे अंतर्राष्ट्रीय मुकाबलेबाजी का सामना कर सकेंगे। उन्हें अंग्रेजी भाषा का अच्छा ज्ञान होगा।

मुख्यमंत्री अमरेन्द्र सिंह का दावा- स्कूलों की हालत सुधरनी शुरू
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेन्द्र सिंह ने भी आज अध्यापक दिवस के अवसर पर दावा किया है कि सरकारी स्कूलों की हालत में सुधार आना शुरू हो गया है। उन्होंने आज कुछ सरकारी स्कूलों की तस्वीरों को अपनी फेसबुक पर लोगों के साथ शेयर करते हुए बताया कि कुछ सरकारी स्कूलों में स्टाफ, अध्यापकों, विद्याॢथयों व अन्य समाज सेवी संस्थाओं की मदद से नुहार बदल गई है। पंजाब सरकार राज्य के सभी स्कूलों की नुहार बदलने के प्रति कृतसंकल्प है। ऐसे कुछ सरकारी स्कूल अब अन्य स्कूलों के लिए प्रेरणास्रोत बन रहे हैं। सभी स्कूलों को अच्छी शिक्षा देने के लिए वल्र्ड क्लास लॄनग सैंटर बनाने के लिए सरकार वचनबद्ध है। 

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