कश्मीर में शैक्षणिक संस्थान बंद ,इंटरनेट सेवा प्रभावित

श्रीनगर : कश्मीर घाटी में सुरक्षा कारणों से मंगलवार को सभी शैक्षणिक संस्थाएं बंद रही तथा दक्षिण कश्मीर में भारत संचार निगम लिमिटेड सहित सभी मोबाइल इंटरनेट प्रदाता कंपनियों की सेवाओं पर रोक जारी रही। हालांकि ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर में तीन दिनों के बाद फिर से मोबाइल इंटरनेट सेवा शुरू हुई। दक्षिण कश्मीर के पुलवामा में शनिवार को सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में तीन आतंकवादियों के मारे जाने का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा बलों के साथ हुई झड़पों में सात नागरिकों के मारे जाने के बाद संयुक्त प्रतिरोध नेतृत्व (जेआरएल) ने विरोध स्वरूप तीन दिवसीय हड़ताल की घोषणा की थी। जिसके बाद घाटी में किसी भी तरह की अफवाहों को रोकने के लिए मोबाइल इंटरनेट सेवा को निलंबित कर दिया गया था।

कश्मीर विश्वविद्यालय (केयू) के प्रवक्ता ने बताया कि विश्वविद्यालय में कक्षाएं नहीं होंगी। इस्लामिक यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (आईएसटी), अवंतिपोरा, पुलवामा में भी शिक्षण कार्य बंद हैं।   आईयूएसटी के प्रवक्ता ने बताया कि पहले से आयोजित सभी परीक्षाओं को स्थगित कर दिया गया है। हालांकि, परीक्षा स्थगित करने के लिए कोई कारण नहीं बताया गया है। सोमवार को भी परीक्षा नहीं हुई थी। परीक्षाओं के लिए नई तारीखों की घोषणा बाद में की जायेगी।  केंद्रीय विश्वविद्यालय कश्मीर (सीयूके) के प्रवक्ता ने बताया कि विश्वविद्यालय में कक्षाओं को स्थगित कर दिया गया।

  विश्वविद्यालय ने कल परीक्षा को भी स्थगित कर दिया था। जमू-कश्मीर सेवा चयन बोर्ड (एसएसबी) ने भी कल नायब तहसीलदार के पद के लिए होने वाले साक्षात्कार को स्थगित कर दिया था।  एसएसबी प्रवक्ता ने बताया कि स्टोरकीपर ,सहायक सह क्लर्क के पद के लिए चयनित उम्मीदवारों के दस्तावेज सत्यापन कार्यक्रम को भी सोमवार को स्थगित कर दिया गया था। साक्षात्कार और दस्तावेज सत्यापन की नई तारीख की घोषणा बाद में की जायेगी। श्रीनगर के डिप्टी कमिश्नर ने जिले के सभी कॉलेजों को बंद रखने का आदेश दिया है। हालांकि, शीतकालीन छुट्टियों के कारण अन्य शैक्षणिक संस्थान बंद है।

ब्रॉडबैंड इंटरनेट सेवा दक्षिण कश्मीर और श्रीनगर समेत घाटी में काम कर रही है।  आधिकारिक सूत्रों ने  बताया कि सभी मोबाइल सेवा प्रदाता कंपनियों से अफवाहों को रोकने के लिए कश्मीर घाटी में मोबाइल इंटरनेट सेवाओं को निलंबित करने के लिए कहा गया है। मोबाइल इंटरनेट सेवा रोके जाने से मीडिया कर्मियों, व्यापारियों, डॉक्टरों और छात्रों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

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