ऑफ द रिकॉर्ड: इस वजह से हुईं भाजपा के मेनिफेस्टो में गलतियां

नेशनल डेस्क: भाजपा के चुनावी घोषणा पत्र में जिस रहस्यमय तरीके से बहुत ज्यादा गलतियां हुईं उसका पर्दाफाश अब हो गया है। अब यह बात छन कर आ रही है कि इसे भाजपा कार्यालय भेजे जाने से पहले पी.एम.ओ. में रखा गया था। जारी होने के 48 घंटे पहले तक मोदी इसमें बदलाव कर रहे थे।


शायद इसके पीछे मोदी की मंशा यह रही होगी कि वह नहीं चाहते थे कि प्रिंट होने से पहले मैनीफैस्टो कमेटी इसे पढ़े। इस प्रकार जब यह मैनीफैस्टो इसकी कमेटी के अध्यक्ष राजनाथ सिंह की टेबल पर पहुंचा तो उनके पास इतना समय नहीं था कि वह इसे लेकर कमेटी की बैठक बुलाएं या इसे प्रचार कर रहे सदस्यों को भिजवाएं।

जेतली के अतिरिक्त सभी सदस्य शहर से बाहर थे। किसी के पास भी उसे संपादित व गलतियां ठीक करने का समय नहीं था। इसके बाद मैनीफैस्टो छप कर आ गया। इसे 8 अप्रैल को रिलीज करने का फैसला हुआ क्योंकि इसी दिन पहले चरण के चुनाव का प्रचार थमा था। भाजपा नेताओं में केवल राम लाल ही थे जो दिल्ली में थे लेकिन वह मैनीफैस्टो कमेटी में शामिल नहीं थे इसके बावजूद उन्हें कहा गया कि वह चैक करें कि सभी कॉपियां सही छपी हैं। 

दूसरा इसमें केवल मोदी और मोदी ही थे। पहले पेज पर, अंदर-बाहर सब जगह मोदी ही मोदी थे। हालांकि अमित शाह को उम्मीद थी कि मोदी उनकी फोटो अपने साथ फ्रंट पर छापेंगे लेकिन ऐसा नहीं हुआ। यहां तक कि भाजपा के सबसे कद्दावर नेता अटल बिहारी वाजपेयी ने 2004 में मैनीफैस्टो में अपनी फोटो के साथ उस समय के पार्टी अध्यक्ष का फोटो छापा था। यही नहीं, 2014 के चुनावी मैनीफैस्टो में भी कई नेताओं के फोटो छपे थे।

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