चुनावी घंटी बजते ही ‘एक्शन’ में आया डेरा

सिरसा(स.ह.):लोकसभा चुनाव के नजदीक आते ही डेरा सच्चा सौदा ‘चुनावी मोड’ में आ गया है। रविवार को दिल्ली के कनझवाल के अलावा सिरसा सहित पंजाब-हरियाणा में अनेक जगहों पर नामचर्चाओं के बहाने डेरा ने शक्ति प्रदर्शन किया। डेरा सच्चा सौदा प्रबंधन की ओर से इन नामचर्चाओं का आयोजन अप्रैल माह में डेरा के स्थापना दिवस के संदर्भ में बताया गया,पर इन नामचर्चाओं में राजनेताओं के आगमन से स्पष्ट है कि अब डेरा के श्रद्धालु चुनावी एक्शन में आ गए हैं। 

सिरसा में डेरे की बजाय एक होटल में नामचर्चा का आयोजन किया गया। जिला सिरसा के विभिन्न ब्लॉकों के डेरा प्रेमी इस नामचर्चा में खासे उत्साहित नजर आए। चुनाव को लेकर पंजाब केसरी टीम ने जब डेरा के श्रद्धालुओं की नब्ज टटोली तो यही बात निकल कर सामने आई कि डेरा श्रद्धालु एकजुट होकर वोट करेंगे, वोट किसे देंगे, इसका फैसला भी अनुयायी आने वाले समय में सियासी विंग के साथ बैठक करके लेंगे।

इस नामचर्चा में रानियां के विधायक रामचंद्र कम्बोज के अलावा कांग्रेस प्रत्याशी डा.अशोक तंवर की पत्नी अवंतिका तंवर,कांग्रेस नेता होशियारी लाल शर्मा व नवीन केडिया पहुंचे। आयोजकों ने उन्हें नामचर्चा में नहीं जाने दिया। इन सभी लीडर्स ने डेरा की ओर से होटल के बाहर ही रोड पर बनाए गए ऑफिस में आयोजकों ने वार्तालाप की। उल्लेखनीय है कि गुरमीत राम रहीम के जेल जाने के बाद से ही डेरा की सभी तरह की गतिविधियां ठप्प हैं। हालांकि प्रत्येक रविवार को डेरा में नामचर्चा का सिलसिला जारी है।

अब चूंकि चुनावी मौसम है,ऐसे में डेरा की ओर से पिछले करीब एक पखवाड़े से पंजाब के मालवा बेल्ट के अलावा हरियाणा, राजस्थान में मैराथन बैठकों के अलावा नामचर्चाओं का सिलसिला जारी है। यह सब चुनावी प्रैक्टिस का ही अंग है। नामचर्चा में पहुंचे प्रीत नगर निवासी बनारसी दास ने बताया कि वे सन 1964 में डेरा से जुड़े। साध संगत मीटिंग करेगी और इसके बाद फैसला किया जाएगा कि समर्थन किसे देना है। वहीं गांव टप्पी निवासी केवल कृष्ण ने पिछली बार भाजपा को समर्थन देने के फैसले और फिर बाबा को सजा के सवाल पर कहा कि यह सब कानूनी प्रक्रिया है और प्रेमियों की किसी से नाराजगी नहीं है। 

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