ड्रोन से संपत्तियों का नक्शा बनाने से बढ़ेगी पारर्दिशताः रियल्टी उद्योग

मुंबईः देश में ड्रोन परिचालन के नए नियमन दिसंबर से रियल इस्टेट क्षेत्र में बदलाव करने को तैयार हैं। उद्योग जगत के विशेषज्ञों के अनुसार, संपत्तियों का 3-डी मानचित्रण न सिर्फ विपणन के लिए सशक्त उपकरण होगा बल्कि इससे जिम्मेदारी एवं पारर्दिशता को भी बढ़ावा मिलेगा। नए प्रावधानों के तहत ड्रोनों का व्यावसायिक इस्तेमाल एक दिसंबर से वैध हो जाएगा।

पीडब्ल्यूसी के एक हालिया सर्वेक्षण के अनुसार, संपत्तियों के मानचित्रण के लिए ड्रोन का इस्तेमाल प्रमुख होते जा रहा है क्योंकि इससे भवनों का 3-डी नक्शा बनाना आसान है और इसमें भवन निर्माण क्षेत्र तथा मंजिलों की संख्या भी शामिल होती है। उसने कहा, ‘‘3-डी मानचित्रण शहरों में संपत्तियों का अधिक वास्तविक दस्तावेजीकरण करने में मदद कर रहा है और अधिक जिम्मेदारी एवं पारर्दिशता सुनिश्चित कर रहा है।’’ 
     
 

Related Stories:

RELATED भारती रियल्टी, 1,000 करोड़ से ऊपर की परियोजनाओं के लिए संयुक्त उद्यम बनाएगी