यूट्यूब की मदद से किया कमाल, बना दिया बगैर इंटरनेट से चलने वाला एप्प

जयपुरःकोटा की 12वीं कक्षा की एक छात्रा ने यू-ट्यूब की मदद से ऐसा सुरक्षा यंत्र विकसित किया है जिसे किसी भी महिला की हाथ में पहनने वाली घड़ी से जोड़ा जा सकता है जो उसे बगैर इंटरनेट के आपात स्थिति में परिवार के सदस्यों को अलर्ट भेजने में मदद कर सकता है। भव्या अग्रवाल ने बताया कि उसने भारत के प्रधानमंत्री की आधिकारिक नमो एप्प पर परियोजना की जानकारी अपलोड की है क्योंकि उसे इस यंत्र को सूक्ष्म आकार में बनाने के लिए फंड की आवश्यकता है।

PunjabKesari

उसने बताया कि अभी यह यंत्र करीब 500 ग्राम का है। गणित और विज्ञान विषय में रुचि रखने वाली भव्या ने कहा, ‘‘महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध ने मुझे उनके लिए एक ऐसा यंत्र विकसित करने के लिए प्रेरित किया जिससे जरुरत के समय उन्हें तुरंत मदद मिल सकें और जरुरत पडऩे पर इसे परिवार की निगरानी में रखा जा सकता है।’’

PunjabKesari

भेजता है जीपीएस अलर्ट या लोकशन की जानकारी
यूट्यूब से मदद लेकर भव्या ने ऐसा यंत्र बना दिया जो बगैर इंटरनेट या डाटा कनेक्शन के किसी महिला के आपात स्थिति में होने पर उसके परिवार वालों को जीपीएस के जरिए एक अलर्ट या स्थान की जानकारी भेजता है। छात्रा ने बताया कि यंत्र में जीपीएस मॉड्यूल ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम उपग्रहों से सीधे जुड़ा हुआ है जो उसे बगैर इंटरनेट कनेक्शन के संदेश और कॉल भेजने या रिसीव करने की अनुमति देता है।

PunjabKesari

भव्या ने कहा, ‘‘एक महिला को संदेश भेजने के लिए बस बटन दबाना होगा जो 10 सेकेंड के भीतर परिवार के सदस्यों के मोबाइल फोन पर भेज दिया जाएगा। इसमें फोन करने के लिए दूसरा बटन होगा।’’ भव्या की खोज के लिए कोटा के जिला प्रशासन ने यहां उम्मेद स्टेडियम में 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस समारोह के मौके पर उसे सम्मानित किया।

PunjabKesari

भव्या वैज्ञानिक या आविष्कारक बनना चाहती है ताकी लोगों खासतौर से महिलाओं के लिए कुछ कर सकें। इलेक्ट्रॉनिक्स का कारोबार करने वाले भव्या के पिता परेश अग्रवाल अपनी बेटी की इस उपलब्धि पर खुश हैं।

यहाँ आप निःशुल्क रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं, भारत मॅट्रिमोनी के लिए!