निदेशालय करेगा 2 निजी स्कूलों के वित्तीय लेन-देन खातों की जांच

नई दिल्ली: दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा अप्रैल में सरकारी जमीन पर बने स्कूलों की फीस वृद्धि की रोक के बावजूद कुछ निजी स्कूलों द्वारा अभिभावकों की जेबों पर एरियर और वार्षिक फीस वृद्धि के नाम पर बढ़ाई गई फीस उनके गले की फांस बन सकती है। अभिभावकों की शिकायतों का संज्ञान लेते हुए शिक्षा निदेशालय ने ऐसे दो स्कूलों के पिछले 3 सालों के वित्तीय लेन-देन खातों की जांच का आदेश दिया है। 

इस मसले पर शिक्षा निदेशक बिनय भूषण ने कहा कि स्कूल मनमाने तरीके से बिना निदेशालय की अनुमति के फीस वृद्धि नहीं कर सकते। गड़बड़ी पाए जाने पर स्कूलों पर कार्रवाई की जा सकती है। इस मसले पर विधानसभा कमेटी ने भी स्कूलों के खातों की जांच की सिफारिश की है।

बता दें बीते दिनों 30 फीसद फीस बढ़ाए जाने पर कैलाश कॉलोनी स्थित एक प्राइवेट स्कूल के बाहर अभिभावकों ने जमा होकर विरोध प्रदर्शन और कई दिनों तक धरना दिया था। जिसके बाद इस मामले को लेकर अभिभावक संघ शिक्षा निदेशालय पहुंचे थे। अब 4 हफ्तों में शिक्षा निदेशालय स्कूलों की बीते 3 सालों के खातों की जांच कर कमेटी को रिपोर्ट सौंपेगा। इस मसले पर शिक्षा निदेशालय ने कहा कि स्कूल को फीस बढ़ाने के लिए शिक्षा निदेशालय को भेजे गए ऑनलाइन प्रोफार्मा में इसकी जानकारी देनी होगी। 

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