पानी में डूबा केरल, अब पानी को तरस रहा(तस्वीरें)

केरल((रमनदीप सिंह सोढ़ी): केरल में बाढ़ और बारिश की तबाही ने हर किसी को हैरान कर दिया है। यहां 14 में से 12 जिलों में रेड अलर्ट जारी है। कोडागू जिले में 97 प्रतिशत लोग प्रभावित हुए हैं। यहां का मुख्य यातायात मार्ग 2 घंटे के सफर को 8 घंटे में पूरा कर रहा है। पेट्रोल-डीजल से लेकर बिजली, बुनियादी सहूलतें साफ पानी का बड़ा संकट है। फिलहाल पानी का स्तर कई इलाकों में नीचे गया है परन्तु माहिरों के मुताबिक पानी का स्तर घटने के लिए अभी कम-से-कम 15 दिन का समय लगेगा।

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नुक्सान!
माना जा रहा है कि केरला में 20 हजार करोड़ का भारी नुक्सान हुआ है। इस नुक्सान में केरल के शहरी इलाकों के साथ-साथ 800 गांव प्रभावित हुए हैं। कृषि सैक्टर में 43 हजार एकड़ की फसल बर्बाद हो चुकी है। 50 हजार से अधिक पशुओं के मारे जाने की खबर है। इस दौरान 400 से अधिक मौतें हो चुकी हैं। माना जा रहा है कि केरल में यह 1924 के मानसून त्रासदी से भी बड़ी बाढ़ की मार है। 10 लाख से अधिक लोग कैंपों में शरण लिए बैठे हैं। केरला की आर्थिकता में बड़ा हिस्सा माल, सैर-सपाटा, प्लाईवुड, रबड़, चाय और केला कारोबार का है। जानकारी मुताबिक प्लाईवुड क्षेत्र में कच्चे माल समेत 400 यूनिट ठप्प हो गए हैं। चावल मीलों में 70 में से 40 मीलें बर्बाद हो गई हैं। रबड़ और चाय के कारोबार में 420-430 करोड़ के नुक्सान की संभावना है। खाने-पीने की वस्तुओं से लेकर पेट्रोल-डीजल, बिजली-पानी की बड़ी कमी है। निजी वाहनों का काफी नुक्सान हुआ है जिस कारण सर्विस स्टेशन पर भीड़ बनी हुई है।

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केरला में सहायता!
भारतीय सैनिक,डोगरा रेजीमेंट, नेशनल डिजास्टर रिलीफ फंड, प्रांतीय रिलीफ इकाई, होम गार्ड,सिविलियन डिफेंस, 200 एन.सी.सी कैडेट, दमकल और इमरजेंसी सेवाओं समेत गैर सरकारी संस्थाएं केरला में अपनी-अपनी सेवाएं निभा रही हैं। स्वास्थ्य सेवाओं में 3,000 मैडीकल कैंप स्थापित किए गए हैं। इस दौरान मुम्बई से भी 70 डॉक्टरों की टीम केरला पहुंची है। वहीं केंद्र सरकार ने मदद के लिए पहुंच रही सहायता सामग्री को जी.एस.टी से छूट दी है। केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिख 1.18 लाख टन अनाज की मदद मांगी थी। इसके इलावा उन्होंने 2600 करोड़ की मांग और की है। नैशनल फूड सिक्योरटी एक्ट अधीन अनाज की पूर्ति हो चुकी है। नैशनल क्राइसिस मैनेजमेंट समिति के पी.के. सिन्हा मुताबिक 89,540 टन फालतू अनाज पहुंचाया गया है। इस दौरान 80 टन दालें रोजाना पहुंचाई जा रही हैं। केंद्र सरकार की तरफ से 600 करोड़ की सहायता दी गई है। इस सहायता में से 500 करोड़ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से मुहैया करवाई गई है और 100 करोड़ का ऐलान ग्रह मंत्री राजनाथ सिंह की तरफ से किया गया है। 

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सैनिक बने लोगों के लिए फरशिते!
27 जहाज, 49 हेलीकॉप्टर और भारतीय सैनिक दिन-रात बाढ़ दौरान केरला के लोगों के लिए सहायता कामों में व्यस्त हैं। सैनिक कठिन से कठिन हलात में निरंतर काम कर रहे हैं। लोग कभी छत पर धन्यवाद लिखकर शुक्रिया कर रहे हैं तो कभी फोटो खीच कर धन्यवाद कर रहे हैं। सैनिकों की तरफ से अब तक 30,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। केरल में सैनिकों को नया नाम दिया गया है-फरशिते!

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खालसा एड की सेवा!
दुनिया में जहां भी कुदरती आफतों या जंगों-युद्धों में जिंदगी प्रभावित होती है तो खालसा एड अपनी, सेवाओं के साथ वहां पहुंच जाती है। खालसा एड के एशिया डायरैक्टर अमरप्रीत सिंह मुताबिक 17 अगस्त को वह केरला पहुंचे थे। शुरुआत में हम अपने 6 वलंटियरों के साथ स्थानिक गुरु सिंह सभा गुरूद्वारे से रसोई तैयार कर कैंपों तक भोजन मुहैया करवाया और हम प्रात: काल 5 बजे से रात को 11 बजे तक सेवा के कामों में हैं। खालसा एड अपनी रसोई से रोजमर्रा की तरह 5,000 लोगों के खाने का प्रबंध कर रही है। तीनों समय का भोजन खालसा एड की रसोई में चावल, सांबर, दाल और आचार है और अब तक 1 लाख डिब्बे बांटे जा चुके हैं। अमरप्रीत सिंह मुताबिक इस दौरान स्थानिक लोगों का प्यार मिल रहा है और वह भी हमारी सहायता के लिए सेवा में शामिल हो रहे हैं और कुछ जवान नेवी के भी हमारी सहायता कर रहे हैं। इस दौरान हमारी फिक्र अब आगे की है। इसलिए हम स्पैशल किट तैयार कर रहे हैं जिसमें साबुन, ब्रुश, सैनेटरी पैड, खर्च और रोजमर्रा की जरूरत का समान होगा। 

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खालसा एड के सेवा कामों में रणदीप हुड्डा भी हुए शामिल
खालसा एड के सेवा कामों में रणदीप हुड्डा भी आकर शामिल हुए। रणदीप मुताबिक वह खालसा एड के वंलटियर हैं और केरला में वह बतौर वंलटियर सेवा करने पहुंचे हैं। रणदीप मुताबिक कुदरती आफतों पर हमारा जोर नहीं, परन्तु उसके बाद जिंदगी को रास्ते पर लाने के लिए हमें हाथ-से-हाथ मिलकर सेवा और मदद करनी चाहिए। मुझे सिखी में से सबसे प्यारी बात सेवा लगती है। मेरी नानी भी सिखी को मानती थी। इस सेवा में ही सच्चा आनंद है इसलिए मैं पिछले डेढ़ साल से खालसा एड के साथ सेवा करता हूं। -रणदीप हुड्डा, अदाकार वालंटियर खालसा एड 

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