106 दागी डाक्टरों की सूची जारी, डाक्टरों में हड़कंप

नई दिल्ली(अंकुर शुक्ला): राजधानी के दिल्ली सरकार के अधीन काम करने वाले सरकारी अस्पतालों में हड़कंप मचा हुआ है। बुधवार को स्वास्थ्य विभाग की एक रिपोर्ट सार्वजनिक होते ही सरकारी अस्पतालों और डॉक्टरों के बीच सनसनी फैल गई। स्वास्थ्य विभाग ने विजिलेंस रिपोर्ट की बिना पर 106 दागी डॉक्टरों के नाम जारी किए हैं। जिनपर भ्रष्टाचार में लिप्त होने का खुलासा हुआ है। इनमें कई अस्पतालों के नामचीन और उच्च पदों पर नियुक्त डॉक्टरों का भी नाम है। विजिलेंस जांच में डॉक्टरों पर अलग-अलग तरीके से भ्रष्टाचारों में लिप्त होने का पता चला है। इमनें भ्रामक जानकारी देकर निजी कंपनी के ऑफरों पर सपरिवार विदेश यात्रा करने से लेकर अस्पतालों के टेंडरों और नियुक्ति प्रक्रिया में भ्रष्टाचार करने की कवायद शामिल है। 

अस्पताल के उच्चाधिकारियों पर ही आरोप तो कार्रवाई करेगा कौन?
स्वास्थ्य विभाग के उपसचिव जेपी शर्मा ने तमाम अस्पतालों के चिकित्सा अधीक्षकों एवं निदेशकों को पत्र भेजकर 106 डॉक्टरों के नाम और उनके खिलाफ दोष से संबंधित एक सूची जारी कर दी है। पत्र में विजिलेंस जांच का हवाला दिया गया है। सूची में बाकायदा विजिलेंस जांच की स्टेट्स भी बताई गई है। वहीं, दागी डॉक्टरों पर कार्रवाई की जिम्मेदारी संबंधित अस्पताल प्रशासनों पर ही छोड़ दिया गया है। ध्यान देने की बात है कि दागी डॉक्टरों की सूची में कुछ अस्पतालों के मेडिकल डॉयरेक्टर और चिकित्सा अधीक्षकों का भी नाम है। ऐसे में उनपर कार्रवाई कौन करेगा? यह बड़ा सवाल है। 

डॉक्टरों ने विदेशों में काटी मौज 
दिल्ली स्वास्थ्य विभाग ने जिन डॉक्टरों की सूची जारी की है इनमें से कई ऐसे डॉक्टर हैं जिन्होंने भ्रामक जानकारी देकर निजी कंपनियों के ऑफर की बदौलत परिवार सहित विदेश में मौज काटी है। हैरान करने वाली बात यह भी है कि डॉक्टरों ने प्राइवेट कंपनियों से घालमेल कर अस्पतालों के टेंडरों को भी अपने नाम करवा लिया। लोकनायक अस्पताल के मेडिकल डायरेक्टर डॉ. जेपी पासी पर सिर्फ दो ही कंपनियों को ही सभी टेंडर देने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। वहीं, चाचा नेहरु अस्पताल के निदेशक डॉ. अनूप मोहता पर एक सीनियर रेजिडेंट की फर्जी नियुक्ति करने का आरोप है। इसके अलावा दागी की लिस्ट में अरुणा आसफ अली अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. जीपी कौशल को भी शामिल किया गया है। डॉ. कौशल पर फोटोकॉपी मशीन की खरीद में गड़बड़ी करने का अरोप है। दोषी पाए जाने वाले इन दागी डॉक्टरों को फिलहाल विजिलेंस ने चेतावनी देकर सर्तक रहने के निर्देश दिए हैं। 

सूची सार्वजनिक हुई तो बढ़ गया डॉक्टरों का ब्लड प्रेशर 
दिल्ली स्वास्थ्य विभाग ने जैसे ही सूची जारी की दोषी डॉक्टरों का तनाव बढ़ गया। वहीं चिकित्सकीय अमले में हड़कंप मच गया। देखते-ही देखते दागी डॉक्टरों की सूची डॉक्टरों से जुड़े तमाम व्हाट्स ऐप ग्रुपों में भेजे जाने लगे। कुछ ही देर में दिल्ली सरकार के कुल 34 अस्पतालों में यह बात आग की तरह फैल गई। डॉक्टरों के मुताबिक यह ताजा सूची है। इससे पहले भी एक सूची तैयार की गई थी जिसमें 102 डॉक्टरों के नाम शामिल थे। इसके बाद विजिलेंस ने 6 जुलाई 2018 को स्वास्थ्य सचिव को भेजे पत्र में चार और डॉक्टरों का नाम शामिल कर कुल 106 डॉक्टरों की सूची जारी कर दी। 


दागी सूची में इन नामचीन डॉक्टरों के नाम शामिल  
-डॉ. जेसी पासी, निदेशक एलएनजेपी 
-डॉ. अनूप मोहता, निदेशक चाचा नेहरु अस्पताल 
-डॉ. जीपी कौशल, चिकित्सा अधीक्षक अरुणा असफ अली अस्पताल 

डॉक्टर के आरोपों का जवाब तो नहीं है यह सूची 
सूत्र बताते हैं कि अभी दो दिन पहले ही दिल्ली सरकार के एक डॉक्टर ने मुख्य सचिवों पर भ्रष्टाचार के गंभीर अरोप लगाते हुए इसकी शिकायत राष्ट्रपति से की थी। मामला तूल पकड़ा और दिल्ली सरकार के अधिकारियों ने इस आरोपों का जवाब दागी डॉक्टरों की सूची जारी कर दे दिया। जानकारों का मानना है कि डॉक्टर के शिकायत का अधिकारियों ने काउंटर अटैक करते हुए यह जवाब दिया है। 
 

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