दिल्ली के डॉक्टरों ने 2 साल की तजाकिस्तानी बच्ची को दी नई जिंदगी

नई दिल्ली (नवोदय टाइम्स):दिल्ली के डॉक्टरों ने 2 वर्षीय तजाकिस्तानी मरयम को एक जटिल बीमारी से उबार कर उसे जिंदगी वापस दे दी। दिमागी सूजन से पीड़ित मासूम को पांच माह में आठ सर्जरियों से गुजरना पड़ा। तब जाकर कहीं मरयम के 64 सेंटीमीटर आकार वाले मस्तिष्क को छोटा करने में कामयाबी हासिल हुई। 

मरयम एक ऐसी बीमारी से पीड़ित थी, जिसमें जन्म के बाद मस्तिष्क में तरल पदार्थ का रिसाव होना शुरू हो जाता है। नतीजतन मस्तिष्क के किसी एक हिस्से में तरल पदार्थ एकत्र होने लगता है। जिसके कारण बाहरी तौर पर मस्तिष्का का आकार बड़ा होने लगता है। बता दें कि सामान्य स्तर पर इंसान के मस्तिष्क का आकार 15 सेंटीमीटर के आसपास होता है। डॉक्टरों ने बताया कि मरयम मेगालेंसेफली और ग्रॉस कॉन्जेनाइटल हाइड्रोसेफालस से पीड़ित थी। उसे जन्म से ही हाइड्रोसेफालस विकार था। मरीज का सिर इस कदर बड़ा और भारी हो चुका था कि वह सिर हिलाने के काबिल भी नहीं रह गई थी। 

परिजनों ने दिखाया हौसला 
न्यूरोसर्जरी विभाग के निदेशक डॉ. संदीप वैश्य ने बताया कि महज 11 माह की उम्र में ही मरयम की सर्जरी तजाकिस्तान के एक अस्पताल में की गई थी। सर्जरी के दौरान तरल पदार्थ को एक ट्यूब के जरिए बाहर निकाला गया था। सर्जरी के बाद मरीज के मस्तिष्क का आकार 72 से 64 सेंटीमीटर तक लाने में डॉक्टर कामयाब रहे थे लेकिन वहां के डॉक्टर आकार में और ज्यादा कमी लाने में सक्षम नहीं थे। नतीजतन मरीज के मस्तिष्क की अंदरुनी हड्डियां आपस में जुड़ (फ्यूज) गईं। 

डॉ. संदीप के मुताबिक सर्जरी करना बेहद जटिल था। सफलता की संभावनाएं बेहद कम थीं। परिवार ने हौसला दिखाते हुए जोखिम उठाया। परिजनों से मंजूरी मिलने के बाद डॉक्टरों ने इस जोखिम को चुनौती के तौर पर लिया। पांच महीने में मरीज की आठ सर्जरियां करने के बाद सिर का आकार और कम करने में डॉक्टर सफल तो हो गए लेकिन ताजा सर्जरी और भी अधिक चुनौतिपूर्ण साबित हुई। 
 

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