DC की आधी रात को मैडीकल कॉलेज अस्पताल में दबिश, स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की खुली पोल

चम्बा: मैडीकल कालेज अस्पताल में मूलभूत सुविधाओं का ऐसा अभाव है कि आए दिन यहां उपचार के लिए आने वाले या फिर भर्ती हुए रोगियों व उनके तीमारदारों को कई प्रकार की समस्याओं का सामना करने के लिए मजबूर होना पड़ता है। इस प्रकार की स्थिति के बारे में जब डी.सी. चम्बा को सोमवार की रात को पता चला तो वह स्थिति का जायजा लेने के लिए अस्पताल पहुंच गए। उनके पहुंचने की देर थी कि यहां स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खुलकर सामने आ गई।


कर्मचारी मिलाते रहे फोन, एम.एस. से नहीं मिला जवाब
इस पर जब डी.सी. ने अस्पताल के एम.एस. को बुलाने के लिए ड्यूटी पर तैनात पैरामैडीकल स्टाफ को कहा तो कर्मचारियों ने कई बार उक्त अधिकारी को फोन मिलाया लेकिन दूसरी तरफ से कोई जवाब नहीं आया। इस पर डी.सी. चम्बा ने जब स्वयं मैडीकल कालेज चम्बा के प्राचार्य डा. पुरुषोत्तम पुरी को फोन किया तो वह कुछ ही देर में अस्पताल पहुंच गए। इस मौके पर कुछ बातों को लेकर दोनों अधिकारियों के बीच बातचीत हुई जिस पर डी.सी. चम्बा ने निर्देश दिए कि अगर मैडीकल कालेज प्रबंधन को किसी प्रकार की समस्या पेश आती है तो वह प्रशासन को बताए ताकि प्रशासन उक्त समस्या का निवारण करवा सके।

पानी की समस्या को लेकर गर्माया मामला
डी.सी. चम्बा जब अस्पताल के औचक निरीक्षण पर थे तो उन्हें मौके पर मौजूद रोगियों के तीमारदारों ने बताया कि सोमवार सुबह से अस्पताल की पेयजल व्यवस्था ठप्प पड़ी हुई है। इस वजह से रोगियों व उनके तीमारदारों को परेशानी पेश आ रही है। इस पर डी.सी. ने जब मैडीकल कॉलेज अस्पताल के प्राचार्य से पूछा तो उन्होंने बताया कि अगर एक दिन अस्पताल की पेयजल आपूर्ति किन्हीं कारणों से बाधित होती है तो अस्पताल की पेयजल व्यवस्था का प्रभावित होना स्वाभाविक है क्योंकि इसके लिए यहां पर अभी तक अन्य कोई व्यवस्था नहीं की गई है। इस पर डी.सी. ने कहा कि भविष्य में इस प्रकार की स्थिति पेश आती है तो रोगियों व तीमारदारों को हरगिज परेशानी पेश नहीं आनी चाहिए।

स्टाफ के पास मिलीं ब्रांडेड दवाइयां
डी.सी. ने अपने इस औचक निरीक्षण के दौरान जब वार्ड में ड्यूटी पर तैनात नर्सों व वार्ड सिस्टर से दवाइयों के बारे में पूछा तो उन्होंने जो दवाइयां बताईं वे सभी ब्रांडेड थीं। इस पर उन्होंने हैरानी जताई, साथ ही जब प्रत्येक रोगी के पास जाकर सरकारी दवाइयों के मिलने बारे जानकारी हासिल करने का प्रयास किया तो कई रोगियों ने बताया कि उन्हें सरकारी दवाइयां नहीं मिली हैं।

शौचालयों की खस्ता हालत पर चिंता जताई
डी.सी. ने अपने इस दौरे के दौरान अस्पताल के शौचालयों की जांच उनके भीतर जाकर की। इस पर मौके पर मौजूद लोगों ने डी.सी. को खस्ताहाल शौचालयों के बारे में जानकारी दी। इस पर डी.सी. ने शीघ्र प्रभावी कदम उठाने का आश्वासन दिया।

प्राचार्य बोले-मुझे नहीं मिलती कोई जानकारी
डी.सी. ने जब मैडीकल कालेज अस्पताल के प्राचार्य से पूछा कि अस्पताल में मौजूद समस्याओं पर उन्होंने प्रभावी कदम क्यों नहीं उठाए तो प्राचार्य ने बताया कि अस्पताल की व्यवस्था करने का जिम्मा एम.एस. का होता है। उन्होंने कहा कि कुछ बातें उनके ध्यान में लाई गई थीं, जिस पर उन्होंने एम.एस. को कार्रवाई करने के लिए कहा था लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने माना कि कुछ खामियां अस्पताल में हैं लेकिन उन्हें दूर करने का पूरा दायित्व एम.एस. पर है न कि मैडीकल कालेज प्रबंधन पर।

व्यवस्था में सुधार करने के लिए दिया जाएगा समय
डी.सी. ने बताया कि इस निरीक्षण के दौरान उनके सामने जो भी समस्याएं आई हैं, उन सब समस्याओं का शीघ्र निवारण करने के लिए मैडीकल कालेज प्रबंधन व अस्पताल प्रबंधन को पत्र लिखा जाएगा। निर्धारित समय के भीतर अगर स्थिति में सुधार नहीं होता है तो सरकार व स्वास्थ्य विभाग के सचिव को पत्र लिखकर कार्रवाई करने का आग्रह किया जाएगा।

अव्यवस्था के लिए कौन जिम्मेदार, सरकार करवाए जांच
जिला चम्बा विकास जनमंच के अध्यक्ष भुवनेश्वर शर्मा ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि सोमवार की आधी रात को डी.सी. चम्बा ने जो अस्पताल का औचक निरीक्षण कर खामियों को पाया है उन्हें शीघ्र दूर किया जाना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि सरकार यह जांच करवाए कि इस अव्यवस्था के लिए कौन जिम्मेदार है।

क्या बोले विधानसभा उपाध्यक्ष
विधानसभा उपाध्यक्ष हंसराज ने कहा कि प्रदेश सरकार ने लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने का वायदा किया है। ऐसे में सोमवार रात को डी.सी. चम्बा ने जो औचक निरीक्षण करके वस्तुस्थिति का जायजा लिया है वह सराहनीय है।

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