बेटी की डोली विदा करने से पहले उठी बाबुल की अर्थी

चेतनपुरा (निरवैल): स्थानीय गांव चेतनपुरा में कैंसर का तांडव नाच बादसतूर जारी है। गांव में अब तक कइयों को कैंसर ने अपनी लपेट में लिया जिनसे उनकी मौत हो गई। इसी तरह जत्थे. गुरमीत सिंह (46) की कैंसर से मौत होने का समाचार मिला। जानकारी के अनुसार मृतक की लड़की की आज शादी थी और गुरमीत सिंह की कल कैंसर से मौत हो गई। वह करीब महीने से इस बीमारी के साथ जिंदगी और मौत की लड़ाई लड रहा था। उसकी सेहत खराब होने के चलते लड़की की शादी तय कर दी परंतु ईश्वर को कुछ और ही मंजूर था, अपनी बेटी को वह अपने हाथों से विदा भी नहीं कर सका और बेटी शादी से एक दिन पहले अपने पिता की अर्थी को कांधा देकर आज डोली में बैठी। जिक्रयोग्य है कि गुरमीत सिंह की 3 बेटियां ही हैं।

नहीं जाग रहा प्रशासन और सरकार
इन हो रही मौतों के बावजूद सरकार व प्रशासन की गहरी नींद नहीं टूट रही। इस गांव के लोगों ने पहले भी कई बार अलग-अलग तरीकों से सोई सरकार को जगाने की कोशशि की परंतु अफसोस कि बात है कि मौतों ता सिसिला यूं ही जारी है।

कैंसर से मौत के मामले में चेतनपुरा जिले में अव्वल
आंकड़ों के मुताबकि यह गांव कैंसर से होने वाली मौतों के मामले में अमृतसर में सबसे आगे है और अब तक काफी मौतें कैंसर से हो चुकी हैं और उक्त बमारी का कहर लगातार जारी है। गांव में करीब 15-20 वर्षों में करीब 50-52 लोगों की मौत इस कैंसर से हो चुकी है।

मौत के आंकड़़े में हो रही लगातार वृद्धि
इस गांव में कैंसर से मौत के आंकड़े में लगातार वृद्धि होती जा रहा है और जब भी कोई मौत इस बमारी से होती है तो इस तरह महसूस होता है कि जैसे प्रशासन मूकदर्शक बनकर तमाशा देख रहा है।

हैल्थ विभाग के दावे केवलअखबारों तक ही सीमित
इस गांव की यहां तक त्रासदी है कि आज तक सेहत वभाग की तरफ से इसकी पुष्टी नहीं हो सकी कि इन मौतों का कारण क्या है। किसी अधकारी नेगांव में पहुंचने का कष्ट नहीं किया। इतनी मौतें होने पर भी हैल्थ वभाग का कोई अधकारी न पहुंचे तो इससे पता लगता है कि हैल्थ वभाग के दावे केवलअखबारों तक ही सीमित हैं।

नहीं नसीब हो सका साफ पीने का पानी
इस गांव के बाशिंदों ने बताया कि गांव में लगे सबमर्सीबल पंपों का भी पानी काफी खराब होने के कारण गांव के लोग डिस्पैंसरी में 500 फुट के करीब गहरा बोर है और सारा गांव इस पानी को साफ समझ इसी पानी को पी रहे हैं। गांव में पहले तो काफी समय पानी वाली टैंकी नसीब हुई नहीं, यदि हो ही गई और जिस दिन से टैंकी लगी, उस दिन से ही गलियों में पानी की पाइपों की लीकेज से लोगों को साफ-सुथरा पानी नहीं मिला। अब बिल का भुगतान न होने से काफी महीनोंं से बिजली वभाग द्वारा कनैक्शन काट देने से पानी वाली टैंकी सफेद हाथी साबित हो रहो है। 

गांव वासियों की मांग
इस संबंधी गांव निवासियों ने प्रशासन से मांग की कि गांव को साफ-सुथरा पानी मुहैया करवाया जाए और नामुराद बीमारी कैंसर होने का कारण ढूंढा जाए जिससे लोग मौत के मुंह में जाने से बच सकें।

Related Stories:

RELATED फ्लिपकार्ट से बिन्नी बंसल के जाने के बाद अब और 1500 कर्मचारियों पर गिरेगी गाज!