कश्मीर में खत्म होने के करीब आतंकवाद, दो साल में 360 आतंकी ढेर: CRPF चीफ

नेशनल डेस्क: सीआरपीएफ के महानिदेशक (डीजी) राजीव राय भटनागर ने कहा कि सुरक्षा बलों के एक के बाद एक अभियान के कारण कश्मीर घाटी में आतंकियों की ‘‘उम्र’’ घट गयी है और दो साल में ही 360 से ज्यादा आतंकी मारे जा चुके हैं। उन्होंने साक्षात्कार में कहा कि घाटी में आतंकी समूहों से जुडऩे वाले स्थानीय नौजवानों की संख्या का आंकड़ा बढ़ा है लेकिन सुरक्षा बल युवाओं को हथियार उठाने से रोकने के लिए सभी मुमकिन तरीके से उन तक पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं।


जवानों की सुरक्षा का बढ़ा स्तर
भटनागर ने कहा कि सुरक्षा चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए सीआरपीएफ ने जम्मू कश्मीर में अपने जवानों की सुरक्षा का स्तर बढ़ा दिया है। समूचे शरीर की हिफाजत के लिए बचाव के साधन, बुलेट प्रूफ वाहन, विशेष बख्तरबंद वाहन के जरिए जवान काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर में आतंकी...उनमें से कुछ बाहरी हैं और कुछ दिग्भ्रमित (स्थानीय) युवा हैं जो आतंकी समूहों से जुड़ रहे हैं। आतंकियों की उम्र, जिंदा बचने का समय, बहुत कम है इसलिए उनकी संख्या भले ज्यादा हो लेकिन परिणाम सीमित है। 

हथियार उठाने के लिए युवाओं को रोकना होगा 
देश के सबसे बड़े अर्द्धसैनिक बल के प्रमुख ने कहा कि युवक आतंकी संगठन में जा रहे हैं क्योंकि इसको लेकर थोड़ा आकर्षण है लेकिन उन्हें समझना होगा उन्हें कोई नतीजा नहीं मिलने वाला। उन्होंने युवाओं के हथियार उठाने पर कहा कि निश्चित तौर पर यह ऐसी चीज है कि हमें इसे रोकना होगा और उपयुक्त कदम उठाना होगा ताकि युवा आतंकी रास्ता अख्तियार नहीं करें और जिन्होंने ऐसा किया है वो वापस आ जाएं।


घाटी में 60 से ज्यादा बटालियन तैनात 
भटनागर ने कहा कि सुशासन, कामकाज में पारर्दिशता और बहुआयामी कदम से जम्मू कश्मीर और घाटी में लोगों और युवाओं में विश्वास बढ़ाने का काम किया जा रहा है। सीआरपीएफ प्रमुख ने कहा कि उनका बल और राज्य पुलिस तथा सेना बेहतर तालमेल से काम कर रहे हैं। कश्मीर घाटी में 60 से ज्यादा बटालियन (60,000 से ज्यादा कमी) तैनात हैं। उन्होंने कहा कि हम एक इकाई के तौर पर काम कर रहे हैं। इस साल 142 आतंकियों को ढेर किया गया। अगर आप पिछले साल के आंकड़े को देखें तो 220 से ज्यादा आतंकी मारे गए। सुरक्षा बलों के बीच बढिय़ा तालमेल है और उन्हें बढ़त मिली हुई है। 

आतंकियों के कुख्यात कमांडरों का हुआ सफाया
डीजी ने कहा कि आतंकियों के कुख्यात कमांडरों का सफाया हो चुका है। शिविरों पर फिदायीन हमले को असरदार तरीके से रोका गया है। हमने शिविरों (कैंप) पर हमला करने के संदर्भ में भी उन्हें सफल नहीं होने दिया है।’ उन्होंने कहा कि जिस क्रम में हम बल का प्रयोग करते हैं वह निर्धारित है। हम आंसू गैस के गोले छोड़कर और गैर घातक गैस के इस्तेमाल के जरिए उन्हें (प्रदर्शनकारियों) तितर-बितर करते हैं।    सीआरपीएफ प्रमुख ने कहा कि पैलेट गन का इस्तेमाल वहां किया जाता है जहां पर भीड़ को हटाने के लिए इसका इस्तेमाल करना जरूरी होता है।

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