चैरिटी फंड से कपल ने खरीद ली BMW; सोशल मीडिया पर छिड़ गई बहस(video)

वॉशिंगटनःअमरीका में एक दम्पति द्वारा चैरिटी के लिए जमा राशि का दुरुपयोग करने का मामला सामने आने पर सोशल मीडिया पर लोग इसका कड़ा विरोध कर रहे हैं । दरअसल इस दम्पति ने अच्छे मकसद के लिए फंड रेजिंग कैम्पेन की शुरुआत की, लेकिन जैसे ही  ज्यादा पैसा जमा हो गया तो उनका मूड बदल गया और वे अपने मकसद से भटक गए और पैसा ऐशो-आराम के लिए खर्च करना शुरू कर दिया। दरअसल, उन्हें कोई अंदाजा ही नहीं था कि उनका यह कैम्पेन इतना लोकप्रिय हो जाएगा और वे 4 लाख डॉलर इकट्ठी कर लेंगे। 

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वॉशिंगटन पोस्ट के मुताबिक, पिछले साल अक्टूबर में कैट मैकक्लुरे नाम की एक महिला की कार फिलाडेलफिया के इंटरस्टेट 95 में रुक गई थी क्योंकि कार का ईंधन खत्म हो गया था। तभी एक बेघर आदमी वहां आया और उसने 20 डॉलर में उसके लिए ईंधन ले आया। इसके बाद महिला ने जॉनी बॉबरिट नाम के इस व्यक्ति को खाने के लिए दिया और साथ ही उसकी मदद के लिए GoFundMe कैम्पेन की शुरुआत की, ताकि उसे सड़क किनारे न सोना पड़ा। 

कैट ने अपने कैम्पेन में लिखा कि शायद मैं उसके लिए और बेहतर कर पाती, उसने मेरी निस्वार्थ मदद की। इस कैम्पेन की शुरुआत महिला और उसके बॉयफ्रेंड ने की थी। उन्हें उम्मीद थी कि वे 10,000 डॉलर तक जमा कर पाएंगे, लेकिन कुछ न्यूज चैनल में इंटरव्यू के बाद उन्होंने चार लाख डॉलर इकट्ठे कर लिए जो कि करीब 14,000 डोनर्स ने दिए थे। लेकिन अगले 10 महीनों में कहानी बिल्कुल उलटी हो गई। इन दोनों पर आरोप लगे हैं कि जॉनी की मदद के नाम पर इन दोनों लोगों को ठगा है। जॉनी का आरोप है कि फंड के पैसे से दोनों छुट्टियां बिता रहे हैं,आलीशान कारें खरीद रहें और उन्हें अन्य दूसरी चीजों की लत लग गई है।

इस जोड़े का मकसद जॉनी को घर दिलाने और उसकी ड्रीम ट्रक दिलाने का था। और जॉनी ने यह सोचा था कि फंड के पैसे से वह दूसरे जरूरतमंदों की मदद करेगा। लेकिन सच्चाई कुछ और निकली, घर के बदले में दोनों ने जॉनी को ट्रैवल करने वाली गाड़ी पकड़ा दी, जो कि उन्होंने अपने नाम पर ही खरीदी थी और वह मैक के घर पर पार्क रहती थी। उन्होंने जॉनी को टीवी, लैपटॉप, दो फोन और एक इस्तेमाल की हुई एसयूवी दी जो जल्द ही खराब हो गई। 

जॉनी का आरोप है कि इस जोड़े के पास अचानक से बीएमडब्ल्यू आ गई और वे फ्लोरिड, कैलिफॉर्निया और लास वेगास में छुट्टियां बिताते दिखे। जॉनी का कहना है कि कैम्पेन के एक साल बीत जाने के बाद भी उसकी हालत वही है और उनके पास न कैम्पर है न एसयूवी। वह अभी भी एक चौराहे के पास ब्रिज के नीचे ही सोता है। इस जोड़े की सच्चाई सेशल मीडिया पर सामने आने के बाद चैरिटी फंड को लेकर नई बहस छिड़ गई है। 

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