ससुरालियों ने विवाहिता को जलाकर मार डाला, मामले में सामने आया भ्रष्ट पुलिस की चेहरा

पलवल (दिनेश): नूंह जिले के गांव चंदैनी में दहेज के लिए ससुरालजनों ने विवाहिता को पेट्रोल डालकर जला दिया। आग में बुरी तरह झुलसी विवाहिता छह दिन तक जिंदगी की जंग लड़ती रही और सातवें दिन दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में दम तोड़ दिया। वहीं बेरहम पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के लिए पीड़ितों से 1 लाख 20 हजार रुपये रिश्वत की मांग की। पीड़ितों ने अपने सहयोगी की सहायता से पुलिस को पहले 9 हजार रुपये दिए और फिर 10 हजार रुपये पुलिस को रिश्वत देते हुए वीडियो बना लिया। इस वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद भ्रष्ट हुए पड़े हरियाणा पुलिस विभाग का असली चेहरा सामने आया।

जानकारी के मुताबिक, पलवल जिले के गांव मंदपुरी की 23 वर्षीय युवती नूंह जिले के गांव चंदैनी में ब्याही गई थी। वहां ससुरालजनों ने दहेज के लिए पेट्रोल डालकर उसे जला दिया और उपचार के दौरान अस्पताल में छह दिन बाद उसकी मौत हो गई। विवाहिता को पेट्रोल डालकर जलाने का आरोप उसके पति सहित छह लोगों पर है।  लकिन पुलिस ने केवल आरोपी पति के ही खिलाफ मामला दर्ज किया। 

मृतका के परिजन जब पुलिस जांच अधिकारी एएसआई सौरभ खान से बाकी आरोपियों पर कार्रवाई करने की बात कही तो जांच अधिकारी ने प्रत्येक आरोपी पर 20 हजार रुपये की मांग की। छह आरोपियों पर कार्रवाई करने के लिए एक लाख 20 हजार रुपये डिमांड की। मृतका के मुंह बोले भाई बालकिशन ने जांच अधिकारी सौरभ खान को गाड़़ी में दस हजार रुपये दे दिए और रुपये देने का वीडियो अपने मोबाइल में कैद कर लिया। वीडियों में नूंह जिले के सदर थाने में तैनात पुलिसकर्मी रिश्वत के दस हजार रुपये लेता साफ-साफ नजर आ रहा है। 



बता दें कि मृतका सरजीना की शादी चन्दैनी निवासी इरसाद के साथ लगभग पांच वर्ष पूर्व हुई थी। शादी के बाद ही इरसाद व उसके परिजन सरजीना को कम दहेज लाने पर प्रताडि़त करने लगे अक्सर उसके साथ मारपीट करते रहते थे। बीती 15 अप्रैल को सरजीना व उसके पति इरशाद के बीच कहासुनी हो गई। उसके बाद उसी दिन शाम को सरजीन चूल्हे पर खाना बना रही थी उस समय भी इरशाद ने सरजीना के साथ झगड़ा किया व मारपीटाई की। सरजीना ने विरोध किया तो पति, इरसाशद, जेठ जाकम, अलीम, ससुर सरीफ व सास बस्सी ने पेट्रोल डालकर सरजीना को जला दिया और मौके से फरार हो गए।

सरजीना की चीख-पुकार सुनकर पड़ोसी मौके पर पहुंच उसके मायके वालों को फोन कर सूचना दी। सूचना मिलते ही सरजीना के मायके वाले मौके पर पहुंचे और उसे उपचार के लिए नल्हड़ मेडिकल में दाखिल कराया जहां पर गंभीर हालात देखते हुए चिकित्सकों ने दिल्ली सफदरजंग अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। 22 अप्रैल की सुबह सरजीना की उपचार के दौरान अस्पताल में मौत हो गई।

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