शीतकालीन सत्रः राफेल और उर्जित पटेल के इस्तीफे को लेकर सरकार को घेरेगी कांग्रेस

नई दिल्लीः राफेल सौदे और सीबीआई विवाद के बाद एक नाटकीय घटनाक्रम में रिजर्व बैंक के गर्वनर उर्जित पटेल के अचानक इस्तीफे से बढी राजनीतिक सरगर्मियों के बीच मंगलवार से शुरू हो रहे संसद के शीतकालीन सत्र के हंगामेदार रहने की संभावना है। पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव की मतगणना का भी संसद सत्र पर असर पड़ेगा और इसके नतीजों से संसद का माहौल गर्मायेगा।



कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नवी आजाद ने बताया कि उनकी पार्टी संसद सत्र चलाने और विधेयक पारित कराने में सहयोग करेगी। लेकिन उर्जित पटेल का इस्तीफा, राफेल विमान घोटाले, बेरोजगारी, स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव, किसानों की समस्यायें, महिला सुरक्षा और केन्द्रीय जांच एजेंसियों के दुरुपयोग पर भी चर्चा कराई जानी चाहिए। राज्यसाभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि कांग्रेस लंबे अर्से से राफेल विमान घोटाले की जांच संयुक्त संसदीय समिति से कराने की मांग करते रही है लेकिन सरकार इस पर कोई निर्णय नहीं कर सकी है।



आजाद ने हाल में हुए विधान सभा चुनावों की चर्चा करते हुए कहा कि मोदी सरकार के साढे चार साल के शासन के दौरान लोगों का इलेक्ट्रेनिक वोटिंग मशीन पर से विश्वास उठ गया है। इन चुनावों में सत्तरुढ दल ने ईवीएम मशीनों का दुरुपयोग किया है। इन चुनावों के दौरान ईवीएम को निजी मकानों, होटलों, सड़कों और वाहनों में पाया गया है। स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव को लेकर लोगों के मन में संदेह उत्पन्न हो गया है।



कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि सरकार केन्द्रीय जंच एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है। इनका उपयोग राजनीतिक दलों को डराने -धमकाने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने कहा रिजर्व बैंक की स्वायत्ता, किसानों की समस्याएं, महिला सुरक्षा, पेट्रोल और डीजल की कीमतें और डालर के मुकाबले रुपये की गिरती कीमतें बड़े मुद्दे हैं जिन पर चर्चा करायी जानी चाहिए।  

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