कुलबीर जीरा के मामले में बैकफुट पर आई कांग्रेस, सस्पैंशन रद्द

चंडीगढ़: नशे के मुद्दे पर खुले मंच से आवाज उठाने वाले फिरोजपुर से कांग्रेस विधायक कुलबीर जीरा को सस्पैंड करने पर पंजाब कांग्रेस और विरोधी राजनीतिक दलों में मचे बवाल के बाद अब कांग्रेस खुद ही बैकफुट पर आ गई है। लोकसभा चुनाव से पहले कुलबीर जीरा के मामले में कांग्रेस कोई भी जाखिम नहीं उठाना चाहती। जिसके चलते पंजाब कांग्रेस ने जीरा की सस्पैंशन रद्द कर दी है। कैबिनेट मिनिस्टर सुखजिंदर रंधावा कुलबीर जीरा को लेकर पंजाब कांग्रेस के प्रधान सुनील जाखड़ के पास पहुंचे थे जिसके बाद यह मामला अब शांत हो गया है।

ऐसे हुआ शांत मामला...
यह सब पंजाब कांग्रेस प्रभारी आशा कुमारी के बयान आने के बाद हुआ है। उन्होंने कहा था कि हो सकता है कि जीरा सही हों, लेकिन बात उठाने के लिए यह प्लैटफार्म सही नहीं था। उन्होंने कहा था कि अगर कुलबीर जीरा माफी मांगें तो उनकी वापसी का रास्ता खुला है। गौरतलब है कि फिरोजपुर में पंचायत प्रतिनधियों के शपथ ग्रहण समारोह में कुलबीर जीरा ने पुलिस अफसरों पर नशे के सौदागारों से सांठगांठ के आरोप लगाए थे और समारोह का बहिष्कार कर दिया था। खुले मंच से जीरा ने एक तरह से अपनी ही सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। जिसके बाद उन्हें सस्पैंड कर दिया गया था। इस घटनाक्रम के बाद जीरा ने दिल्ली जाकर अपनी बात राहुल और सोनिया गांधी के समक्ष रखने की चेतावनी दी थी। इस पर वित्त मंत्री मनप्रीत बादल ने कहा था कि राहुल गांधी और सोनिया गांधी का दिल बड़ा है, अगर कोई विधायक कुछ कहता है तो उसकी बात जरूरी सुननी चाहिए। कुछ और कांग्रेस नेताओं ने भी जीरा की सस्पैंशन को गलत बताया था। 

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