सीबीआई अधिकारी के दावे के बाद कांग्रेस ने उठाई जांच की मांग

नई दिल्लीः कांग्रेस ने सीबीआई के एक डीआईजी द्वारा उच्चतम न्यायालय में दाखिल हलफनामे में लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों की स्वतंत्र जांच की सोमवार को मांग की और कहा कि उनसे प्रधानमंत्री कार्यालय और मोदी सरकार के कामकाज पर सवाल खड़े हो गये हैं। पार्टी ने यह भी कहा कि वह संसद में यह मुद्दा उठायेगी।



कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि डीआईजी मनोज कुमार सिन्हा ने अपने हलफनामे में सीबीआई के विशेष निदेशक राकेश अस्थाना के खिलाफ जांच में दखल के कथित प्रयासों को लेकर केंद्रीय मंत्री हरिभाई पारथीभाई चौधरी, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और केंद्रीय सतर्कता आयुक्त के वी चौधरी के नाम लिए हैं। के वी चौधरी से जब प्रतिक्रिया मांगी गयी तो उन्होंने कुछ नहीं कहा। डोभाल टिप्पणी के लिए उपलब्ध नहीं थे। मंत्री के कार्यालय के एक अधिकारी ने कहा कि उन्हें मामले की जानकारी नहीं है।



सुरजेवाला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल किया कि क्या ‘ना खाऊंगा, ना खाने दूंगा’ का नारा अब ‘सब खाने वालों को बचाउंगा, आंख मूंद देखता जाऊंगा’ में बदल गया है। उन्होंने प्रश्न किया, ‘‘कौन भ्रष्ट व्यक्तियों की मदद कर रहे हैं? क्या भ्रष्ट व्यक्तियों की मदद कर रहे लोग प्रधानमंत्री कार्यालय में बैठे हैं?’



सीबीआई की सोमवार को तब और छीछालेदार हो गई, जब वरिष्ठ अधिकारी एम के सिन्हा ने अस्थाना के विरुद्ध जांच में दखल के कथित प्रयास को लेकर डोभाल, केंद्रीय मंत्री चौधरी, और सीवीसी चौधरी के नाम घसीटे। 

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