कंपनियों के तिमाही परिणाम और आर्थिक आंकडों से तय होगी शेयर बाजार की चाल

मुंबईः बीते सप्ताह भारी उथल-पुथल के बाद गिरावट में बंद होने वाले घरेलू शेयर बाजार की दिशा अगले सप्ताह जारी होने वाले कंपनियों के तिमाही परिणाम, वाहन बिक्री के आंकड़ों, आर्थिक आंकड़ों, वैश्विक रुख, अंतररष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों के उतार-चढ़ाव से तय होगी। निवेशकों की नजर साथ ही चुनावी हलचल पर भी रहेगी।

आलोच्य सप्ताह में बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 72.95 अंक यानी 0.18 प्रतिशत की साप्ताहिक गिरावट के साथ 39,067.33 अंक पर और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी दो अंक की मामूली तेजी के साथ 11,754.65 अंक पर बंद हुआ। छोटी और मंझोली कंपनियों को बीते सप्ताह अच्छा-खासा नुकसान उठाना पड़ा। बिकवाली के दबाव में बीएसई का मिडकैप 318.58 अंक यानी 2.07 प्रतिशत की गिरावट में 15,063.99 अंक पर और स्मॉलकैप 207.82 अंक यानी 1.38 प्रतिशत की गिरावट में 14,813.38 अंक पर बंद हुआ। 

अगले सप्ताह मंगलवार को मार्च का औद्योगिक उत्पादन का आंकड़ा और वित्तीय घाटे का आंकड़ा जारी होना है। इसके साथ ही गुरुवार को विनिर्माण क्षेत्र के आंकड़े भी जारी होंगे, जो निवेश धारणा को तय करेंगे। इसके अलावा कंपनियां गत वित्त वर्ष की अंतिम तिमाही के वित्तीय परिणाम जारी करेंगी जिसका असर शेयर बाजार पर रहेगा। 

मंगलवार को कोटक महिंद्रा बैंक और अंबूजा सीमेंट, बुधवार को ब्रिटानिया, गुरुवार को डाबर इंडिया, एमआरएफ, टाटा पावर और बंधन बैंक तथा शुक्रवार को हिंदुस्तान यूनीलीवर के परिणाम जारी होने हैं। वैश्विक स्तर पर अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक, अमेरिका के रोजगार आंकड़ों और चीन तथा अमेरिका के विनिर्माण क्षेत्र के आंकड़ों के अलावा कच्चे तेल के उतार-चढाव से भी निवेश धारणा प्रभावित होगी। 

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