संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने केरल बाढ़ का हवाला देेते गंभीर परिणामों को लेकर चेताया

संयुक्त राष्ट्रः संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने एक महीने में दूसरी बार केरल में हाल में आई विनाशकारी बाढ़ का हवाला देकर जलवायु परिवर्तन से निपटने की दिशा में निष्क्रियता के गंभीर परिणामों को लेकर चेताया है। गुतारेस ने पोर्टो रीको में पिछले साल आए तूफान का भी हवाला दिया जिसमें से कम से कम 3,000 लोगों की मौत हो गई थी। यह अमेरिका के इतिहास में सबसे खराब प्राकृतिक आपदाओं में से एक है।

उन्होंने सोमवार को यहां जलवायु परिवर्तन रोकने पर दिए अहम भाषण में कहा कि जलवायु परिवर्तन हमारे समय का एक अहम मुद्दा है और हम एक महत्वपूर्ण मोड़ पर हैं। हमारे के लिए अस्तित्व का सीधा संकट है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने जलवायु संकट को रेखांकित करने के लिए केरल में आई बाढ़ समेत दुनिया भर की विभिन्न प्राकृतिक आपदाओं का हवाला दिया।   उन्होंने कहा कि बेहद गर्मी, जंगलों में आग, तूफान और बाढ़ अपने पीछे मौतों और विनाश की दास्तान छोड़ जाते हैं।

पिछले महीने भारत के केरल राज्य में हालिया इतिहास की सबसे भीषण बाढ़ आई जिसमें 400 लोगों की मौत हो गई और 10 लाख से ज्यादा लोग बेघर हो गए। पांच सितंबर को 2018 की नई जलवायु अर्थव्यवस्था रिपोर्ट के विमोचन के दौरान भी गुतारेस ने जलवायु संबंधी संकट को रोकने के मुद्दे पर केरल की बाढ़ का हवाला दिया था और चेताया था कि जलवायु परिवर्तन हमसे भी तेजी से हो रहा है।

उन्होंने कहा कि संकट की तात्कालिकता पर कोई संदेह नहीं होना चाहिए। हम दुनिया भर में रिकॉर्ड तोड़ तापमान का अनुभव कर रहे हैं। गुतारेस ने चेताया कि दुनिया में जलवायु परिवर्तन पर ऐसी स्थिति बनने का संकट है जहां से वापसी नहीं हो सकती है। समूचे ग्रह के लोगों और उन्हें संभालने वाले प्राकृतिक तंत्र के लिए विनाशकारी परिणाम हो सकते हैं।  उन्होंने जलवायु परिवर्तन की दिशा को उलटने के लिए अधिक नेतृत्व तथा अधिक इच्छाशक्ति का आह्वान किया।      

Related Stories:

RELATED भारत में मुक्त समाज है, लाखों लोगों को गरीबी रेखा से बाहर निकाला: ट्रम्प