समुद्र का जलस्तर बढ़ने से डूबने की कगार पर शंघाई और न्यूयॉर्क

इंटरनेशनल डेस्कःअगर विश्व में बन रहे उत्सर्जन को नहीं रोका गया तो इस शताब्दी के अंत तक विश्व के समुद्रों का जलस्तर का लेवल 2 मीटर से अधिक बढ़ सकता है, जिससे न्यूयॉर्क और शंघाई जैसे प्रमुख शहर दलदल में फंस सकते हैं। इसके कारण करीब 187 मिलियन लोग प्रभावित और विस्थापित हो सकते हैं।


सोमवार को जारी एक अध्ययन में कह गया कि समुद्र का जलस्तर अतीत के अनुमानों में बड़ी तेजी से बढ़ रहा है. इस कारण ग्रीन लैंड और हिमखंडों का तेजी से पिघलना है। अंतर्राष्ट्रीय शोधकर्ताओं ने भविष्यवाणी की है कि सबसे बदतर तब होगी, जब वर्ष 2100 तक वैश्विक तापमान 5 डिग्री सेंटीग्रेस (9 डिग्री फारनेहाइट) होगा। इस दौरान समुद्र का जलस्तर 2 मीटर तक बढ़ सकता है। अध्ययन के लेखकों ने चेतावनी दी है कि ऐसी स्थिति भयावह होगी।

यूनिवर्सिटी ऑफ ब्रिस्टोल में फिजीकल ज्योग्राफी के प्रोफेसर जोनाथन बाम्वर ने बताया कि ये स्थिति वास्तव में बहुत गंभीर है और उन्होंने कहा कि निचले तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों का बड़े पैमाने पर विस्थापन, गंभीर सामाजिक उथल-पुथल के रूप में होगा। इसमें प्रशांत क्षेत्र के द्वीप राष्ट्र के अस्तित्व को भी खतरा होगा।

शोधकर्ताओं ने पाया कि ऐसी स्थिति में 1.17 मिलियन वर्गमीटर क्षेत्र समुद्र में डूब जाएगा, यह क्षेत्र कैलिफोर्निया के आकार से तीन गुना अधिक है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ऐसी स्थिति से 187 मिलियन लोगों को खतरा होगा, जो दुनिया की कुल आबादी का 2.5 मिलियन है। 
 

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