CIA स्टाफ की पुलिस ने किया खतरनाक गिरोह का पर्दाफाश, गिरोह के 3 सदस्य गिरफ्तार

अमृतसर(अरुण): लोकसभा चुनावों को लेकर कमिश्नरेट पुलिस द्वारा बड़ाई चौकसी के चलते सी.आई.ए. स्टाफ की पुलिस ने एक खतरनाक गिरोह के सरगना सहित 3 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए इन आरोपियों के कब्जे से हथियारों के इलावा छीना गया समान पुलिस ने बरामद किया है। पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए खतरनाक गिरोह के इन सदस्यों से प्राथमिक पूछताछ दौरान हत्या, हत्या प्रयास, लूटपाट के इलावा ए.टी.एम. तोडऩे की करीब अढ़ाई दर्जन वारदातों को कबूला गया है।

सिपाही को गोली मार कर छीना था सरकारी रिवाल्वर 
प्रैस वार्तालाप के दौरान खुलासा करते पुलिस कमिशनर एस.एस. श्रीवास्तव ने बताया कि लोक सभा चुनावों को लेकर समाज विरोधी तत्वों के खिलाफ शुरू की गई मुहिम के चलते सी.आई.ए. स्टाफ के इंचार्ज इंस्पैक्टर सुखविन्दर सिंह रंधावा की टीम ने खतरनाक गिरोह के 3 सदस्यों को उस समय पर गिरफ्तार किया जो जब मोटरसाइकिल पर सवार होकर गांव घन्नूपुर के नजदीक आ रहे थे। गिरफ्तार किए गए इन आरोपियों की पहचान दलजीत सिंह उर्फ राजबीर काका पुत्र कुलदीप सिंह निवासी ईस्ट गोबिंद नगर, सुल्तानविंड रोड, हरपाल सिंह हीरा पुत्र अजीत सिंह निवासी कोट मित्त सिंह और सुरेश कुमार मनी पुत्र अविनाश चंद्र निवासी प्रकाश विहार बटाला रोड अमृतसर के रूप में हुई, के कब्जे से एक देसी पिस्तौल 315 बोर, तीन कारतूस, एक देसी पिस्तौल 12 बोर, तीन कारतूस, एक आई फोन, 1 सोने की अंगूठी, एक हीरे की अंगूठी और मोटरसाइकिल बरामद करते पुलिस द्वारा थाना छेहर्टा में केस दर्ज किया गया। 

प्राथमिक पूछताछ का हवाला देते पुलिस कमिश्नर एस.एस. श्रीवास्तव ने बताया कि प्राथमिक जांच दौरान खुलासा हुआ कि गिरफ्तार किए गए यह आरोपी एक खतरनाक गिरोह के सदस्य हैं, जिनके द्वारा 3 हत्या, 1 हत्या प्रयास, लूटपाट, ए.टी.एम. तोडऩे के इलावा करीब अढ़ाई दर्जन संगीन अपराध की वारदातों को अंजाम दिया गया था। आरोपी दलजीत सिंह काका जो गिरोह का सरगना बताया जा रहा है, के द्वारा अधिकतर संगीन अपराध की वारदातों को अकेले ही अंजाम दिया गया, जबकि बाकी वारदात साथियों के साथ मिल कर की गई थी। 

जांच दौरान हुआ अधिक वारदातों का खुलासा
गिरोह के सरगना दलजीत काका द्वारा प्राथमिक जांच के दौरान माना कि उसके द्वारा शरेआम गोलियां मार कर 3 व्यक्तियों की हत्या की गई थी। 

हत्या की वारदातों का विवरण
- वर्ष 2011 में कोर्ट रोड एक्सिस बैंक की कैश वैन के गार्ड की हत्या।  
- वर्ष 2011 में पॉवर कालोनी मजीठा रोड नजदीक ए.टी.एम. में कैश डालने आई वैन के गार्ड की हत्या।
- वर्ष 2012 में सुल्तानविंड क्षेत्र में पुलिस के सिपाही की हत्या करने के उपरांत छीनी सरकारी रिवाल्वर।

पुलिस इंस्पैक्टर को गोली मार कर छीना था सरकारी माऊजर
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लिस जांच के दौरान सामने आया कि वर्ष 2011 में आरोपी दलजीत काका ने अपने साथी बलजीत सिंह के साथ मिलकर जालंधर के पुलिस इंस्पैक्टर चंदन कुमार को गोलियां मारकर उस का सरकारी माऊजर छीना गया था। तैराकी का खिलाड़ी होने के कारण चन्दन कुमार इस हमले को सहन कर गया। जालंधर पुलिस के थाना नंबर 1 में हत्या प्रयास और लूट पाट की धराओं सहित मामला दर्ज किया गया था। 

वर्ष 2013 में गिद्दड़बाहा के बैंक डकैती में शामिल 
पुलिस जांच का हवाला देते पुलिस कमिशनर एस.एस. श्रीवास्तव ने बताया कि जांच दौरान यह भी खुलासा हुआ कि आरोपी दलजीत काका जो वर्ष 2013 में गिद्दड़बाहा के एक बैंक डकैती के मामले में भी शामिल होना पाया गया है। सुल्तानविंड रोड में सिपाही गुरदीप सिंह की हत्या कर छीना गया उसका सरकारी रिवाल्वर गिद्दड़बाहा पुलिस द्वार बरामद किया गया।

एलीवेटिड रोड से छीना मोटरसाइकिल 
पुलिस जांच दौरान सामने आया कि साल 2011 में दलजीत काका और उसके साथी बलजीत सिंह द्वारा जंडियाला से एक आई-10 कार चोरी की थी। जंडियाला से अमृतसर आते यह कार ऐलीवेटिड रोड नजदीक पलट गई और यह दोनों एक व्यक्ति से उसका मोटरसाइकिल छीन कर भाग गए थे, जिस संबंधी थाना रामबाग में मामला दर्ज किया गया।

2 ए.टी.एम. तोडऩे में असफल रहे 
पुलिस जांच दौरान दलजीत काका ने यह भी माना कि उसने अपने साथी हरपाल सिंह के साथ मिल कर अशोक चौक स्थित यू.के. बैंक के ए.टी.एम. और 100 फुटी सड़क स्थित पंजाब नैशनल बैंक के ए.टी.एम. तोडऩे का प्रयास किया गया था। आरोपियों की निशानदेही पर छापामारी करते पुलिस द्वारा ए.टी.एम. तोडऩे वाले कटर मशीनर भी कब्जे में ली गई है।  

फताहपुर जेल में बंद आरोपी बलजीत को प्रोडक्शन वारंट पर लाएगी पुलिस 
पुलिस कमिशनर एस.एस. श्रीवास्तव ने बताया कि दलजीत काका के साथ कई संगीन वारदातों में शामिल रहे, उसके साथी बलजीत सिंह निवासी मुंडा गांव तरनतारन को पुलिस प्रोडक्शन वारंट पर लाकर गंभीरता के साथ पूछताछ करेगी। श्रीवास्तव ने बताया कि दलजीत काका के एक साथी हीरा की मौत हो चुकी है।

नवबंर 2018 में जमानत पर रिहा हुआ था आरोपी दलजीत काका  
पत्रकारों के एक सवाल के जवाब में बोलते पुलिस कमिशनर श्रीवास्तव ने बताया कि आरोपी दलजीत काका जो पुलिस द्वारा दर्ज कुछ मामलों में जमानत पर रिहा होने का खुलासा हुआ है। नवंबर 2018 को एक मामले में जमानत पर रिहा होकर आया था।

पुलिस रिमांड दौरान होंगे कई अन्य अहम खुलासे  
पुलिस कमिशनर एस.एस.श्रीवास्तव ने बताया कि अदालत में पेश कर मिले पुलिस रिमांड दौरान इन आरोपियों से गहनता के साथ पूछताछ की जा रही है। उन्होंने बताया कि रिमांड दौरान गिरोह के साथ जुड़े कई अन्य अहम खुलासे होने की उम्मीद है।
 

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