चीन में 9 लाख से अधिक सूअरों को दे दी गई मौत

 

पेइचिंगः चीन में आजकल अफ्रीकन स्वाइन बुखार का खौफ फैला हुआ है। करीब 100 लोग इस बीमारी की चपेट में आने के बाद 9,16,000 सूअरों को मौत की नींद सुला दिया गया। हालांकि कहा ये जा रहा है कि इस बीमारी से इंसान को किसी तरह का नुकसान नहीं हो रहा है। चीन के कृषि मंत्रालय के अनुसार यह बीमारी लगातार नए इलाकों और कृषि फार्म तक फैलती जा रही है।

अगस्त महीने में सबसे पहले इस बीमारी के बारे में पता चला था, इसके बाद से यह चीन के 24 प्रांतों और क्षेत्रों तक पहुंच चुकी है। इससे चीन के पोर्क बाजार (सूअरों के कारोबार) को काफी नुकसान पहुंचा है।गौरतलब है कि चीन दुनिया का सबसे बड़ा पोर्क बाजार है। साल 2017 में चीन में करीब 70 करोड़ सूअर काटे और बेचे गए। समाचार एजेंसी रायटर्स के अनुसार अफ्रीकन स्वाइन फीवर से इंसान को कोई नुकसान नहीं होता लेकिन यह सूअरों के लिए काफी घातक है और इसका कोई टीका या उपचार भी नहीं है।चीन के कृषि और ग्रामीण मामलों के मंत्रालय द्वारा ऐसे आंकड़े कम ही जारी किए जाते हैं और अगर उसने इसका आंकड़ा जारी किया है तो इससे मामले की गंभीरता को समझा जा सकता है।

पिछले महीने ताइवान सरकार ने चीन से कहा था कि वह इस बीमारी के बारे में जानकारी न छुपाए। असल में ताइवान के किनमेन द्वीप के तट पर एक मृत सूअर पाया गया था और उसमें अफ्रीकन स्वाइन फीवर का वायरस मिला था।यह द्वीप चीन के तटीय शहर शियामेन से महज 10 किमी दूर है। माना जा रहा है कि संक्रमित फार्म में सूअरों को संगठित मौत देने के अलावा किसानों ने भी खुद बड़े पैमाने पर सूअरों को मौत दी होगी, क्योंकि इस बीमारी के डर से फिलहाल वे इस कारोबार से बाहर निकलना चाहते होंगे।

बता दें कि सूअरों के मांस के कारोबार में पहले से ही चीन को अमेरिका से आने वाले मांस की चुनौती से जूझना पड़ रहा है। चीन ने पिछले साल मार्च में सूअर के मांस के विभिन्न उत्पादों पर सीमा शुल्क में 25 फीसदी की बढ़ोतरी कर दी थी। चीन में साल 2017 के दौरान अमेरिका से तीन लाख टन सूअर का प्रसंस्कृत मांस आयात किया गया था।

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