बूढे लोगों से परेशान है ये देश, सरकार कप्लस से कर रही ज्यादा बच्चे पैदा करने की अपील

इंटरनैशनल डेस्कः चीन ने अपनी बढ़ती जनसंख्या पर नियंत्रण करने के लिए 'वन चाइल्ड' की पॉलिसी लागू की थी।  2015 तक 'वन चाइल्ड' की पॉलिसी चलती रही लेकिन फिर इस नियम में कुछ ढील देते हुए दो बच्चे पैदा करने की छूट दी गई। चीन के एक सरकारी अखबार में छपे एक संपादकीय लेख में कहा गया कि बच्चे पैदा करना पारिवारिक मामला है लेकिन एक राष्ट्रीय मामला भी है।


इस लेख में कपल्स को ज्यादा बच्चे पैदा करने के लिए प्रोत्साहित किया गया है, इसके साथ ही युवाओं को परिवार शुरू करने के लिए सक्षम बनाने के लिए सरकार की तरफ से कदम उठाए जाने की अपील की गई है।

चीन की सरकार के मुखपत्र पीपल्स डेली में छपे लेख में चेतावनी देते हुए कहा है कि निम्न प्रजनन दर का अर्थव्यवस्था और समाज पर नकारात्मक असर दिखना शुरू हो गया है। बूढ़ी आबादी की समस्या से निपटने के लिए चीन की सरकार ने 'दो बच्चों की नीति' से पीछे हटने के संकेत भी दिए हैं और बच्चे पैदा करने को लेकर लगाए गए प्रतिबंधों में भी ढील देने की सोच रही है।

चीन में बुजुर्ग आबादी बढ़ती जा रही है, घटती जन्म दर की वजह से आने वाले वक्त में चीन की विकास की गाड़ी भी पटरी से उतर सकती है। वहां की जनगणना के आंकड़ों के मुताबिक, 2016 में चीन की कुल आबादी 134.7 करोड़ थी और 2017 में इसकी जनसंख्या बढ़कर 139 करोड़ हो गई।

80 और 90 के दशक में ओल्ड डिपेंडेंसी रेशियो (कामगार आबादी पर निर्भर बुजुर्ग आबादी का अनुपात) 8.3 था. अब यह 15.9 है। इससे चीन के कामगार युवाओं पर बोझ बढ़ा है। इसके अलावा चीन की सरकार पर अपने वृद्ध नागरिकों के लिए पेंशन स्कीम्स और हेल्थ केयर स्कीम चलाने का दबाव भी बढ़ा है।

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