सीबीआई विवादः हाईकोर्ट ने अस्थाना को दी अंतरिम राहत

नई दिल्लीःदिल्ली उच्च न्यायालय ने बुधवार को अपने उस आदेश की समयसीमा 28 नवंबर तक के लिए बढ़ा दी जिसमें सीबीआई से कहा गया था कि वह विशेष निदेशक राकेश अस्थाना के खिलाफ कार्यवाही पर यथास्थिति बनाए रखे। अस्थाना ने रिश्वत के एक मामले में उनके खिलाफ दर्ज प्राथमिकी रद्द करने का अनुरोध किया है। अदालत ने इस मामले में पूरी सुनवाई नहीं की क्योंकि उसे सूचित किया गया कि अस्थाना और डीएसपी देवेंद्र कुमार की याचिकाओं पर सीबीआई निदेशक आलोक कुमार वर्मा को नोटिस नहीं मिला है। कुमार ने भी प्राथमिकी रद्द करने का अनुरोध किया है।

सीबीआई के संयुक्त निदेशक ए के शर्मा के वकील ने न्यायमूर्ति नजमी वजीरी को यह भी बताया था कि अदालत का नोटिस और याचिका की प्रति उन्हें बुधवार को ही मिली है। अदालत ने उन्हें और वर्मा को 23 अक्टूबर को नोटिस जारी किया था। जब अदालत ने अस्थाना और कुमार के वकील से नोटिस नहीं मिलने के बारे में सवाल किया और रिकॉर्ड की जांच की तो यह बात सामने आयी कि प्रक्रिया शुल्क का भुगतान नहीं होने के कारण वर्मा को नोटिस नहीं जारी किया गया। अदालत ने वकील को तीन दिनों के भीतर नोटिस भेजने का निर्देश दिया। अदालत ने वर्मा को नोटिस नहीं मिलने और अपने पक्ष में अंतरिम आदेश का फायदा उठाने को लेकर अस्थाना के वकील से सवाल किया।



न्यायाधीश ने कहा कि प्रतिवादी दो (वर्मा) को नोटिस कैसे नहीं मिला, अंतरिम आदेश आपके पक्ष में है। उसे वापस ले लिया जाएगा। प्रक्रिया शुल्क जमा नहीं किया गया है, ऐसे में अंतरिम आदेश हट जाएगा। उन्होंने सवाल किया कि आप अंतरिम आदेश का लाभ कैसे ले सकते हैं। अस्थाना की ओर से पेश वरिष्ठ वकील अमरेन्द्र शरण ने कहा कि वे कल तक वर्मा को नोटिस और याचिका भेज देंगे। अदालत अस्थाना, कुमार और बिचौलिए मनोज प्रसाद की अलग-अलग याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी। याचिकाओं में अनुरोध किया गया है कि उनके खिलाफ दर्ज प्राथमिकी रद्द की जाए।

सीबीआई की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल विक्रमजीत बनर्जी और वकील राजदीप बेहुरा ने अदालत से अगले हफ्ते मामले की सुनवाई का अनुरोध किया। इसके बाद सुनवाई की अगली तारीख 28 नवंबर तय की गयी। सुनवाई के दौरान शर्मा के वकील ने कहा कि उनके पास अस्थाना के खिलाफ ठोस साक्ष्य हैं और वह उसे अदालत के समक्ष सीलबंद लिफाफे में पेश करेंगे। अदालत ने उन्हें दस्तावेज सीबीआई को सौंपने को कहा जो उसे अदालत के समक्ष पेश करेगी। इस पर वकील ने कहा, Þआज, समस्या यह है कि हम नहीं जानते कि असली एजेंसी कौन है। उन्होंने अस्थाना और कुमार की याचिकाओं पर जवाब देने के लिए समय मांगा।

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