नए ब्रिटिश PM पद के लिए इन नामों पर हो रही चर्चा, बस ड्राइवर का बेटा भी रेस में

लंदनःब्रिटिश प्रधानमंत्री थरेसा मे द्वारा शुक्रवार को अपने पद से इस्तीफा देने की घोषणा के बाद ब्रिटेन में अब इस टॉप पोस्ट के लिए नए नामों पर चर्चा शुरू हो गई है। ब्रिटेन के अगले प्रधानमंत्री पद को लेकर जिस नाम की सबसे अधिक चर्चा हो रही है उनमें बोरिस जोनसन का नाम सबसे आगे हैं। इससे पहले कंजर्वेटिव पार्टी के इस नेता ने ब्रेक्जिट डील पर PM  थरेसा मे की रणनीती से नाखुशी जताते हुए फॉरेन सेकेट्री के पद से इस्तीफा दे दिया था। जानकारी के अनुसार नए प्रधानमंत्री जुलाई के अंत तक पदभार संभाल सकते हैं । तब तक थरेसा मे (62) कार्यवाहक प्रधानमंत्री के तौर पर डाउनिंग स्ट्रीट में रहती रहेंगी और जून की शुरुआत में अमेरिकी राष्ट्रपति के राजकीय दौरे के दौरान पद पर बनी रहेंगी।

बोरिस जोनसन की देश में हर मुद्दे पर बोलने वाले नेता की है और उन्होंने साल 2016 में लोगों को ब्रेक्जिट के पक्ष में वोट करने के लिए प्रेरित किया था। ब्रिटेन यूरोपियन यूनियन को छोड़ने के मुद्दे पर रणनीति तय कर रहा था तो उस समय डोमिनिक राब ब्रेक्जिट सेक्रेटरी थे। इस कंजर्वेटिव नेता की बाद में पीएम थरेसा मे से रणनीतिक मुद्दे पर असहमति हो गई जिसके बाद इन्होंने कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया। थरेसामे की ब्रेक्जिट डील पर नीतियों के ये काफी आलोचक रहे हैं। डोमिनिक राब की अभी उम्र 45 साल है और इन्हें पार्टी के अंदर युवा नेतृत्व के तौर पर देखा जा रहा है। बोरिस जोनसन के फॉरेन सेकेट्री के पद से इस्तीफा देने के बाद जेरेमी हंट ने इस पद को संभाला था।

ब्रेक्जिट डील के पक्ष में ये आक्रामक बयानों के लिए काफी चर्चा में रहे हैं। हाल ही में इन्होंने यूरोपियन यूनियन की तुलना सोवियत यूनियन से की। इसके बाद ब्रेक्जिट के पक्ष वाले लोगों से इन्हें काफी समर्थन मिला। 52 साल के जेरेमी हंट कई पदों पर रह चुके हैं। पीएम पद की रेस में जितने भी नाम हैं उनमें से साजिद जाविद का बैकग्राउंड सबसे कमजोर है। साजिद जाविद पाकिस्तानी मूल के हैं और अभी होम सेकेट्ररी के पद पर हैं। इनके पिता ब्रिटेन में बस ड्राइवर थे। राजनीति में आने से पहले जाविद बैंकिंग इंडस्ट्री में थे।

इन्होंने राजनीति की शुरुआत साल 2010 में की। प्रवासियों के ब्रिटेन आने पर इन्होंने कड़ा कदम उठाया । इनके अलावा 56 साल की एंड्रिया लीडसम ने इसी सप्ताह हाउस ऑफ कोमन्स की नेता के पद से इस्तीफा दिया है। साल 2016 में जब पीएम पद का चयन किया जा रहा था था तो उस वक्त भी एंड्रिया लीडसम और थरेसा के बीच कड़ी टक्कर थी। ऐसे में इस बार भी इन्हें पीएम पद की रेस में आगे माना जा रहा है।एंड्रिया लीडसम ब्रेक्जिट के पक्ष में बोलने वाले नेताओं में सबसे आगे रहती हैं।

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