कनाडा ने भारत से अनानास और किन्नू आयात के खोले द्वार

मुंबईः औपचारिक अनुरोध के 5 महीने बाद कनाडा ने भारत से अनानास और किन्नू आयात के लिए अपना बाजार खोल दिया है। इस संबंध में भारत के केंद्रीय वाणिज्य मंत्रालय ने 10 अप्रैल को अपना पहला अनुरोध भेजा था जिसके बाद 18 मई को एक स्मरण-पत्र भेजा गया था। भारत ने अपने अनानास और किन्नू निर्यात की संभावना के लिए कनाडा के बाजार में प्रवेश की अनुमति मांगी थी। भारत के इस अनुरोध का जवाब देते हुए कनाडा की खाद्य निरीक्षण एजेंसी (सीएफआईए), पादप स्वास्थ्य और जैव सुरक्षा निदेशालय ने 9 अगस्त को कहा कि उपलब्ध कराई गई तकनीकी जानकारी की समीक्षा के आधार पर सीएफआईए ने भारत से किन्नू और अनानास को कनाडा में निर्यात की स्वीकृति देने का फैसला किया है।

इसमें आयात के लिए जरूरी सामान्य फाइटोसैनिटरी की शर्त लागू होती है और आधिकारिक सरकारी वेबसाइट पर इसका निर्देश दिया गया है। पिछले कई सालों से कनाडा में अनानास का आयात लगातार बढ़ रहा है जिसमें बीच-बीच में कुछ गिरावट भी आई है। कनाडा सरकार द्वारा जुटाए गए आंकड़े बताते हैं कि कैलेंडर वर्ष 2017 में कनाडा में अनानास आयात एक नया रिकॉर्ड कायम करते हुए 1,27,000 टन हो गया। इसमें पिछले साल के 1,18,210 टन के मुकाबले 13 प्रतिशत का इजाफा हुआ। भारत के अनानास को दुनिया में सबसे बढिय़ा माना जाता है।

हालांकि कनाडा ने आयात की अनुमति तो प्रदान की है लेकिन सीएफआईए ने इस अनुमति के साथ ही कुछ शर्तें भी लगा दी हैं। कनाडा की इस खाद्य निरीक्षण एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि इन खेपों की जांच सीएफएआई द्वारा की जाएगी। सामग्री के मूल का उल्लेख शिपिंग के दस्तावेजों में स्पष्ट रूप से किया जाना चाहिए और फल मिट्टी, कीट या पौधों के अवशेषों से रहित होने चाहिए। सीएफआईए ने कहा है कि हालांकि इन मानकों के बाद अनानास के लिए किसी फाइटोसैनिटरी प्रमाण-पत्र की आवश्यकता नहीं है लेकिन किन्नू के लिए यह जरूरी रहेगा।

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