कनाडा कौंसिल जनरल ने किया GNDU का दौरा

अमृतसरःकनाडा के कौसिल जनरल मिया येन ने बुधवार को गुरु नानक देव विश्वविद्यालय का दौरा किया। इस दौरान उच्च शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में कनाडा के दूतावास के बीच रणनीतिक सहयोग के लिए गुरु नानक देव विश्वविद्यालय के अधिकारियों से चर्चा की। मिया येन का स्वागत वीसी डॉ. जसपाल सिंह संधू ने किया। इस अवसर पर डीन अकादमिक मामलों के प्रो कमलजीत सिंह, प्रो. श्वेता शेनाय, प्रो. प्रीत मो¨हदर ¨सह बेदी, प्रो. गीता हुंदल और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

प्रो. संधू ने कहा कि कनाडा के कौसिंल जनरल मिया येन का विश्वविद्यालय और पवित्र शहर अमृतसर में आने पर बहुत खुशी हो रही है। यह उनकी विश्वविद्यालय की पहली यात्रा है। हमने उनको बताया कि कैसे हमारे शोध को दुनिया भर में वैज्ञानिक समझ और बदलते जीवन को आगे बढ़ा रहे हैं। उनके साथ हुई बैठक में विशेष रूप से उच्च शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में मजबूत भारत-कनाडा रणनीतिक साझेदारी के लिए सरकार के साथ एक बड़ा दायरा प्रदान किया है।


 
मिया येन ने विश्वविद्यालय द्वारा किए जा रहे विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में विश्व स्तर की सफलताओं से प्रभावित है। कहा कि विश्वविद्यालय भारत के सबसे अच्छे विश्वविद्यालयों में से एक है, जिसमें उच्च अनुसंधान फोकस और विविध शैक्षणिक कार्यक्रम हैं, जो खेल विज्ञान, चिकित्सा, औषधि विज्ञान, रसायन विज्ञान, औषधि डिजाइन, वास्तुकला, योजना, जैव प्रौद्योगिकी आदि जैसे क्षेत्रों पर शोध कर रहे हैं।

गुरु नानक देव विश्वविद्यालय इस नई साझेदारी को लेकर उत्साहित है और गुरु नानक देव विश्वविद्यालय में दोहरी डिग्री के प्रोग्राम शुरू किए जाएंगें ताकि जो दोनों देशों के विद्यार्थी उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अपनी डिग्री किसी भी देश में पूरी कर सके।

गुरु नानक देव विश्वविद्यालय के कोआर्डिनेटर प्रीत मोहिंदर सिंह बेदी ने कहा कि यह समझौता गुरु नानक देव विश्वविद्यालय के लिए एक नया मील का पत्थर साबित होगा । भारत और कनाडा के बीच द्विपक्षीय संबंध दोनों देशों के निरंतर विकास के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं।  दोनों पक्ष इस बात पर सहमत हुए कि बहुसांस्कृतिक, बहुभाषी और बहुपक्षीय समाज होने के नाते, भारत और कनाडा अधिक परस्पर और विविध दुनिया बनाने में योगदान कर सकते हैं। गुरु नानक देव विश्वविद्यालय उच्च शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में कनाडा सरकार के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करेगा। इस बात पर भी सहमति हुई कि दोनों पक्षों के अधिकारी भारत-कनाडाई शिक्षा पार्टनशिप को विकसित करने के लिए और विचार-विमर्श करेंगे।

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