बुराड़ी हत्याकांडः नो वन किल्ड 11, इन सवालों के भी मिले जवाब

नई दिल्ली(संजीव यादव): बुराड़ी हत्याकांड में प्रारंभिक रिपोर्ट तैयार कर ली है, जिसमें घटना को दुर्घटना और आत्महत्या बताया है। ये रिपोर्ट शुक्रवार को गृह मंत्रालय भी भेजी जाएगी जिसमें कहा गया है कि इस केस में हत्या से जुड़े जितने भी लोग थे वे भी आत्महत्या का शिकार हो गए। गृह मंत्रालय को भेजी जाने वाली रिपोर्ट में दिल्ली पुलिस ने 5 कारण भी बताए हैं जिसमें बताया है कि ये दुर्घटना क्यों हुई जो आत्महत्या में बदल गई। रिपोर्ट में क्राइम ब्रांच ने साफ कर दिया है कि इस सामूहिक आत्महत्या के लिए परिजनों को किसी बाहरी व्यक्ति ने मजबूर नहीं किया और यह पूरा कांड परिवार के सदस्यों द्वारा खुद ही रचा गया था। जिसकी पुष्टि घर से मिले कुछ दस्तावेजों से होती है। पुलिस टीम के अनुसार इन दस्तावेजों को परिवार का सुसाइड नोट मानते हुए जांच में महत्वपूर्ण पांच कारणों को रिपोर्ट में शामिल किया है। पुलिस इस मामले में कोर्ट में एक रिपोर्ट पेश करेगी जिसके बाद केस बंद भी किया जायेगा।


ये हैं रिपोर्ट में पांच प्रमुख कारण
1. बाहरी शख्स का हाथ नहीं :
मामले की जांच में लगी अपराध शाखा की टीम और एफएसएल ने कई बार घर की बारीकी से तलाशी ली। बावजूद इसके पुलिस को घर में किसी भी बाहरी शख्स के घर में दाखिल होने का कोई सुराग नहीं मिला।

2.सीसीटीवी फुटेज : घर के पास लगे सीसीटीवी कैमरों से मिली फुटेज में भी अंतिम बार ललित ही घर में जाता दिखाई दे रहा है। जबकि सुबह की फुटेज में गुरुचरण घर में दाखिल होता दिखाई दिया है। इस बीच कोई भी अंजान या परिवार के पहचान वाला कोई शख्स घर में दाखिल नहीं हुआ। गुरुचरण ने ही घर में लाशों को लटकी देखकर मामले की सूचना पुलिस और पड़ोसियों को दी थी। इसके अलावा तार का खरीदना और स्टूल लाना भी उनके दावों को पुष्ट करता है।

3. बरामद डायरियां: दिल्ली पुलिस को जो डायरियां मिली हैं उसके तहत भी साफ हो गया है कि ये कहानी पूरी तरह से पहले लिखी गई और उसी के आधार पर अमल भी किया गया। जांच में पुलिस ने लिखा है कि 30 जून की रात को परिवार ने कैसे सामूहिक आत्महत्या की वारदात को अंजाम दिया। यह पूरी कहानी परिवार के हाथ से ही लिखी गई है पुलिस ने इसे केस डायरी में शामिल किया है।

4. पोस्टमार्टम रिपोर्ट : पीएम रिपोर्ट में किसी के भी शरीर पर चोट के निशान नहीं है और न ही जहर की पुष्टि हुई है बल्कि सभी की मौत हैंङ्क्षगग के तहत हुई है। डॉक्टरों की रिपोर्ट में सामने आया है कि मरने वालों में छह लोगों ने खाना नहीं खाया था, जबकि पांच लोगों ने खाना खाया था।

5. किसी से रंजिश नहीं : पुलिस ने मामले में 72 लोगों के बयान दर्ज कराए हैं जिसमें कहीं भी रंजिश की बात सामने नहीं आई है। इसके अलावा कोई कर्ज या लेनदेन का मामला भी नहीं है। हत्या का कोई ठोस कारण भी सामने नहीं आया।

इन सवालों के जवाब भी मिले
गेट क्यों खुला था?

दिल्ली पुलिस ने कहा है कि डायरी के मुताबिक सभी बंधन और दरवाजे खुले रहेंगे ताकि उनके पिता की आत्मा आ सके। गेट खुलने का मतलब ये नहीं था कि कोई बाहरी शख्स हत्या कर उसे खुला छोड़ गया।

क्या सभी मानसिक रोगी थे?
कोई मानसिक रोगी नहीं था, बल्कि अंधविश्वासी थे, नाबालिगों को भी बड़ों ने भरोसे में लिया था, सभी ये जानते थे कि वो क्या करने जा रहे हैं।

कुछ के पैर जमीन से छू रहे थे और हाथ क्यों बंधे थे? 
डायरी के मुताबिक जब पूजा शुरू होगी तो चाहे प्रलय आए या मन डिगे, लेकिन फैसला नहीं बदलना है, इसलिए 6 लोगों की आंखों में पट्टी और हाथों को मजबूती से बांधा गया था, इसके अलावा जिन लोगों के पैर जमीन से छू रहे थे वे मानसिक रूप से पूजा के लिए मन बना चुके थे।

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