लुधियाना निगम को हुआ अपनी नाकामी का अहसास, बुड्ढे नाले की सफाई के लिए बनाने लगा योजनाएं

लुधियाना(धीमान): प्रदूषित हो रहे बुड्ढे नाले की सफाई के लिए नगर निगम होश में आ गया है। अधिकारियों को अहसास होने लगा है कि उनकी नाकामी के चलते बुड्ढा नाला गंदगी के कलंक से उभर नहीं पा रहा। ‘पंजाब केसरी’ ने 6 जुलाई से हर सोमवार को प्रदूषण के कारणों से संबंधित एक मुहिम शुरू की हुई है। इसमें हर भाग में बताया जाता है कि किन-किन कारणों से बुड्ढा नाला प्रदूषित है।  इसके जिम्मेदार विभाग कौन से हैं। लोगों की सेहत पर इसका क्या असर पड़ रहा है। 

5 अगस्त के भाग में ‘पंजाब केसरी’ ने ‘लुधियाना के बुड्ढे नाले में रोजाना गिराया जा रहा है 550 मीट्रिक टन गोबर’ शीर्षक के साथ समाचार छापा था। इसमें मेयर बलकार संधू ने खुद माना था कि गोबर सीधा बुड्ढे नाले में जा रहा है। खबर के बाद मेयर ने तुरंत हरकत में आते हुए हंबड़ा रोड और ताजपुर रोड पर 10 और 5 एम.एल.डी. के ट्रीटमैंट प्लांट लगाने की योजना बनाकर सरकार के पास भेज दी है। इस पर 38 करोड़ रुपए खर्च होंगे। लुधियाना के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है कि 2 दशकों से ज्यादा चली आ रही डेयरियों की समस्या का हल मौजूदा मेयर ने तुरंत निकालने में दिलचस्पी दिखाई।

इसी तरह ‘पंजाब केसरी’ ने 22 जुलाई के अंक में ‘5 एस.टी.पी., खर्च 22 करोड़ लुधियाना का बुड्ढा नाला फिर भी जहरीला’ शीर्षक के साथ खबर में बताया था कि किस तरह नगर निगम की घटिया कार्यप्रणाली के चलते सीवरेज ट्रीटमैंट प्लांट ओवरफ्लो होकर बुड्ढे नाले को प्रदूषित कर रहे हैं। इस खबर के बाद भी नगर निगम ने सीवरेज ट्रीटमैंट प्लांटों की क्षमता को बढ़ाने के लिए प्रस्ताव तैयार कर लिया। 

‘पंजाब केसरी’ ने 29 जुलाई के अंक में ‘10 सालों में भी नहीं लग सके सी.ई.टी.पी.’ शीर्षक के साथ डाइंग इंडस्ट्री संबंधी समाचार छापा था। इसे पढ़कर ताजपुर रोड के लोग तुरंत हरकत में आए और उन्होंने एक डाइंग की ओर से गंदा फ्यूल जलाकर प्रदूषण फैलाने के लिए मंगाए गए फ्यूल के ट्रक को काबू कर पुलिस और पंजाब पाल्यूशन कंट्रोल बोर्ड को सौंप दिया। इससे लोगों का हजूम पंजाब केसरी की प्रदूषण के खिलाफ शुरू की गई मुहिम के साथ जुडऩा शुरू हो गया।

दूसरी ओर विधायक संजय तलवाड़ ने भी खबरों के बाद अपने क्षेत्र की डाइंगों के जहरीले पानी को रोकने के लिए मुहिम शुरू कर दी। यहां बता दे कि ‘पंजाब केसरी’ ने मौत का प्रदूषण के नाम से मुहिम इसलिए शुरू की थी ताकि संबंधित विभाग अपनी जिम्मेदारी समझते हुए पर्यावरण को सुरक्षित करें ताकि लोगों की जान बच सके। पंजाब केसरी की यह मुहिम जारी रहेगी और हर सोमवार को बुड्ढे नाले की नई समस्या से लोगों को अवगत करवाया जाएगा। इस मुहिम से सैंकड़ों लोग ई-मेल के जरिए जुड़ गए हैं और इसका हल निकालने के लिए सुझाव भेजने शुरू कर दिए हैं।

29 डेयरियों को नोटिस जारी, कटेंगेसीवरेज कनैक्शन 
नगर निगम ने हंबड़ा रोड व ताजपुर रोड स्थित डेयरी काम्पलैक्स से निकलने वाला गोबर बुड्ढे नाले व सीवरेज में जाने से रोकने के लिए तो अलग से ट्रीटमैंट प्लांट लगाने की योजना सरकार से मंजूर करवा ली है। वहीं इन दोनों काम्पलैक्सों के अलावा भी शहर के रिहायशी इलाके में सैंकड़ों डेयरियां चल रही हैं जिनका गोबर सीवरेज में डालने से बुड्ढे नाले व ट्रीटमैंट प्लांट तक पहुंच रहा है। ऐसी डेयरियों पर एक्शन की शुरूआत वीरवार को जोन बी के अधीन आते इलाकों में हो गई है। इसके तहत 29 डेयरियों को नोटिस जारी करके कनैक्शन काटने की चेतावनी दी गई है। इन इलाकों में दिए गए नोटिस गोल्डन विहार, मोती नगर, गज्जा जैन कालोनी, सुभाष नगर, टिब्बा रोड, महिन्द्रा कालोनी, शक्ति नगर, राहों रोड। 

पंजाब केसरी की मुहिम के साथ मैं सहमत हूं कि बुड्ढा नाला काफी प्रदूषित है। अब नगर निगम इस कलंक को धोने के लिए पहल के आधार पर कदम उठाना शुरू हो गया है। सफाई के लिए खुद की मशीनें खरीदने की योजना भी तैयार कर ली है। लोगों से अपील है कि बुड्ढे नाले को साफ  करने में उनकी मदद करे और इसमें गंदगी न डालें। -बलकार सिंह संधू, मेयर लुधियाना। 

अपने क्षेत्र की डाइंगों के जहरीले पानी को बुड्ढे नाले में आने से रोकने के लिए खुद जांच करनी शुरू कर दी है। पंजाब केसरी ने जिन आंकड़ों के साथ बताया है कि डाइंग इंडस्ट्री किस तरह बुड्ढे नाले को प्रदूषित कर रही है, मैं उससे सहमत हूं। अब लोगों को जहरीले पानी से बचाना मेरा भी फर्ज है।-संजय तलवाड़, विधायक। 


डेयरियों के गोबर से बुड्ढे नाले में फैल रहे प्रदूषण की समस्या हल करने के लिए दोनों काम्पलैक्सों में ई.टी.पी. प्लांट लगाने की योजना सरकार ने मंजूर कर दी है। इसके अलावा रिहायशी इलाके में जो डेयरियां चल रही हैं, उनको सीवरेज में गोबर डालना बंद करने के लिए नोटिस दिए गए हैं। यह प्रक्रिया मंगलवार तक पूरी कर ली जाएगी और शुक्रवार से कनैक्शन काटने की कार्रवाई शुरू होगी। - एस.ई., राजिन्द्र सिंह।

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