Budget 2019: एजुकेशन सेक्टर में क्या खास करेंगे अरुण जेटली?

एजुकेशन डेस्कःएक फरवरी को पेश होने वाले देश के अंतरिम बजट की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। लोकसभा चुनाव से ठीक पहले इस बजट के जरिए मोदी सरकार हर वर्ग के लोगों को लुभाने की कोशिश करेगी। खासतौर पर हायर एजुकेशन के छात्रों को लुभाने के प्रयास किए जा सकते हैं। वहीं छात्रों को भी इस बजट से काफी उम्‍मीदें हैं। इस साल एजुकेशन सेक्‍टर में डिजिटल इंडिया की झलक दिख सकती है।  वहीं कई छात्रों को एजुकेशन लोन में छूट और सरलता की उम्‍मीद है। छात्र चाहते हैं कि नियमों में छूट दी जाए और ब्याज की दर में कमी हो।

छात्रों की स्किल और टेक्‍नोलॉजी पर फोकस की उम्‍मीद है। देश के स्कूलों में आज भी पुराने तरीके से पढ़ाई हो रही है, जिसमें अब बदलाव की आवश्यकता है। इसके लिए टेक्नोलॉजी के माध्यम से पढ़ाए जाने की आवश्यकता है। इसका जिक्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी समय-समय पर करते रहे ।

 

2018 में  क्‍या था खास

बजट 2018 में एजुकेशन सेक्टर के इन्फ्रास्ट्रक्चर को बेहतर करने पर फोकस किया गया था। तब अगले चार वर्षों में 1 लाख करोड़ रुपए इन्वेस्ट करने की घोषणा की गई थी। इसके अलावा स्कूलों में टीचर्स की
क्‍वॉलिटी और डिजिटल करने पर भी जोर दिया गया था। वहीं वड़ोदरा में रेलवे यूनिवर्सिटी बनाने और 17 नए आईआईटी और एनआईटी स्कूल खोले जाने का ऐलान किया गया। इसके अलावा स्कूल ऑफ प्लानिंग
और आर्किटेक्ट के लिए 2 स्कूल खोले जाने की बात कही गई थी। बजट में एकलव्य मॉडल रेजिडेंशियल स्कूल खोले जाने का ऐलान किया गया। वित्‍त मंत्री अरुण जेटली ने बताया था कि साल 2022 तक 50 फीसदी से अधिक अनुसूचित जनजाति के लोग हैं वहां एकलव्य मॉडल रेजिडेंशियल स्कूल खोले जाएंगे।  इन स्कूलों की क्‍वॉलिटी नवोदय स्कूलों की तरह है।  स्कूलों में टेक्नोलॉजी को बेहतर करने के लिए ब्लैक बोर्ड की जगह डिजीटल बोर्ड शुरू करने की घोषणा की गई।


हायर एजुकेशन के लिए

2018 में एजुकेशन सेक्टर में हायर एजुकेशन के लिए 35,010 करोड़ रुपए आवंटित किए गए। इससे पहले के बजट में 33,330 करोड़ रुपए का बजट था। हायर एजुकेशन से जुड़े छात्रों के लिए बजट में प्रधानमंत्री
रिसर्च फेलो लॉन्च की गई। इसके तहत वित्‍त मंत्री अरुण जेटली ने 1,000 बीटेक स्कूलों में से छात्रों को चुनकर उन्हें पीएचडी, आईआईटी और आईआईएस के लिए फेलोशिप देने का ऐलान किया।

 

2017 आम बजट का हाल

अगर 2017 के आम बजट की बात करें तो शिक्षा क्षेत्र को 79, 686 करोड़ रुपए आबंटित किए गए थे। कुल बजट के आधार पर देखें तो 2017 में कुल बजट का 3.70 फीसदी हिस्सा शिक्षा क्षेत्र को दिया गया था। यह बजट 2016 से महज 8-9 फीसदी ज्यादा था. 2016 में शिक्षा के क्षेत्र में 73, 599 करोड़ रुपए मिले थे। तब के कुल बजट का 3.653 हिस्सा शिक्षा के नाम किया गया था।
 
 

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