नए साल से पहले मोदी सरकार का कर्मचारियों को तोहफा

बिजनेस डेस्कः मोदी सरकार ने नए साल से पहले देशभर के करोड़ों सरकारी कर्मचारियों को बड़ा तोहफा देते हुए नेशनल पेंशन स्किम (NPS) में अपना योगदान बढ़ाने का ऐलान किया है। केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आज इसकी घोषणा की।


NPS में योगदान 4% बढ़ाया
सरकार ने एनपीएस में योगदान चार फीसदी बढ़ाकर 14 फीसदी कर दिया है। इसके साथ ही रिटायरमेंट के बाद निकाली गई 60 फीसदी की रकम को टैक्स-फ्री भी कर दिया गया है। हालांकि, कर्मचारियों का न्यूनतम योगदान 10 फीसदी बना रहेगा। साथ ही केंद्रीय वित्त मंत्री ने कर्मचारियों के 10 फीसदी तक योगदान के लिए आयकर कानून की धारा 80सी के तहत कर प्रोत्साहन की भी घोषणा की। अब तक सरकार तथा कर्मचारियों का योगदान एनपीएस में 10-10 फीसदी था। कर्मचारियों का NPS में योगदान 10 फीसदी ही रहेगा लेकिन सरकार ने इस योगदान को 10 फीसदी से बढ़ाकर 14 फीसदी कर दिया है।

60% रकम ट्रांसफर की मंजूरी
जेटली ने कहा कि अब कर्मचारी 60 फीसदी रकम ट्रांसफर करवा सकेंगे, यह पहले 40 फीसदी थी। अब कर्मचारियों के पास निश्चित आय उत्पादों या शेयर इक्विटी में निवेश का भी विकल्प होगा। जेटली ने कहा कि अगर कोई कर्मचारी सेवानिवृत्ति के समय एनपीएस में जमा धन कोई भी हिस्सा नहीं निकलवाता है तो उसे 100 फीसदी पेंशन योजना में हस्तांतरित करता है तो जब उसे अंतिम बार में जो पेंशन मिलेगी वो 50 फीसदी से अधिक होगी।

जानिए क्‍या है एनपीएस
नेशनल पेंशन स्किम (NPS) एक रिटायरमेंट सेविंग्स अकाउंट है, जिसकी शुरुआत भारत सरकार ने 1 जनवरी, 2004 में की थी। शुरूआत में यह स्कीम सिर्फ सरकारी कर्मचारियों के लिए ही थी लेकिन 2009 में इसे प्राइवेट कंपनियों के कर्मचारियों के लिए भी शुरू किया गया। NPS अकाउंट खुलवाने के लिए न्‍यूनतम आयु 18 साल और अधिकतम आयु 65 साल होनी चाहिए।

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